Chandra Grahan 2026: साल 2026 में 3 मार्च को एक विशेष चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका धार्मिक महत्व बढ़ जाता है. जब ग्रहण भारत में दिखता है, तो सूतक काल के नियम भी मान्य होते हैं. सूतक का मतलब है एक ऐसा समय जिसे शुभ नहीं माना जाता. इस पूरे काल में सावधानी बरतनी चाहिए. चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है और ग्रहण खत्म होते ही खत्म होता है.
सूतक कब से कब तक रहेगा?
अगर समय की बात करें, तो 3 मार्च को सूतक सुबह 09:39 बजे शुरू हो जाएगा . यह शाम को 06:46 बजे खत्म होगा. चंद्रग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर शाम 06 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. ग्रहण के दौरान लगने वाला सूतक काल बहुत मायने रखता है. इस दौरान घर के बच्चों, बुजुर्गों और जो लोग बीमार हैं, उनके लिए थोड़े निमय होते हैं. इन लोगों के लिए सूतक दोपहर 03:28 बजे से माना जाएगा.
सूतक और ग्रहण के दौरान क्या गलतियां न करें?
इस दौरान कुछ विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि किसी नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सके:
सूतक काल के उपाय
सूतक भले ही अशुभ हो, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से यह समय ईश्वर से जुड़ने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है: