Shani Rashi Parivartan 2023: शनि ने मकर से कुंभ राशि में प्रवेश कर लिया है. कुम्भ शनि की मूल त्रिकोण राशि है, इसलिए शनि का कुंभ राशि में जाना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. शनि लगभग हर ढाई साल में अपनी राशि बदल देते हैं. इस तरह शनि की एक राशि में लगभग 30 साल बाद वापसी होती है. शनि के इस गोचर से देश-दुनिया में कई बड़े बदलाव आने की प्रबल संभावनाएं हैं.
साढ़ेसाती और ढैया की स्थिति कैसी रहेगी?
शनि के कुंभ राशि आते ही धनु राशि की साढ़ेसाती समाप्त हो गई है. कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू हो चुका है. साथ ही, मकर राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू हो गया है. मीन और कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का क्रमश: पहला और दूसरा चरण शुरू हो गया है. वहीं, मिथुन और तुला राशि से शनि की ढैय्या समाप्त हो गई है. कर्क और वृश्चिक राशि की ढैया आरम्भ हो गई है.
देश-दुनिया पर कैसा असर?
शनि के राशि परिवर्तन से दुनिया में बड़े बदलाव आने की संभावना है. मध्य जनवरी से अप्रैल के महीने तक माहौल अशांत रह सकता है. विवाद और प्राकृतिक आपदाओं जैसी स्थितियां बन सकती हैं. हालांकि भारत की स्थिति में सुधार होगा. जनता के लिए तमाम कल्याणकारी योजनाएं बनेंगी. न्याय व्यवस्था ज्यादा सक्रिय होंगी. देश दुनिया के लिए काफी बड़े फैसले आ सकते हैं.
राशियों पर कैसा असर?
- मेष, सिंह और धनु राशि वालों को करियर और धन का लाभ होगा. करियर में मेहनत तो होगी, पर लाभ भी खूब होगा.
- वृष, कन्या और मकर राशि वालों की समस्याएं तो समाप्त होंगी, लेकिन इन्हें स्वास्थ्य का ध्यान भी रखना होगा.
- मिथुन, तुला और कुम्भ राशि वालों को दूर स्थान से लाभ होगा, लेकिन इन्हें निर्णयों के मामले में सावधानी रखनी होगी.
- कर्क, वृश्चिक और मीन राशि वालों का करियर बढ़िया होता जाएगा, लेकिन काम होने में विलम्ब बना रहेगा.
कुंभ राशि में शनि कैसे देगा लाभ?
अगर आप शनि से लाभ लेना चाहते हैं तो जल्दी सोने और जल्दी उठने की आदत डालें. नाखून और बालों की सफाई पर विशेष ध्यान दें. रोज शाम शनि मंत्र का नियमित जप करें. शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. एक लोहे का छल्ला मध्यमा उंगली में धारण करें. मास मदिरा का प्रयोग बंद कर दें. अपनी आय का कुछ हिस्सा जरूर दान करते रहें.