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Shani ki Sadhe Saati: शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या इन राशियों पर होगी शुरू, किन्हें मिलेगी मुक्ति

Shani ki Sade Sati and Shani Dhaiya: 2023 में शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या से कुछ राशियों को मुक्ति मिलेगी क्योंकि शनि का राशि परिवर्तन होगा. शनि के कुंभ राशि में आते ही कुछ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती व कुछ राशि वालों पर शनि ढैय्या शुरू होगी

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शनि की साढ़ेसाती (Image credit: Getty images)
शनि की साढ़ेसाती (Image credit: Getty images)

Shani ki Sade Sati: दंड और न्याय के स्वामी माने जाने वाले ग्रह शनि को न्याय का कारक माना जाता है. वह अच्छे को अच्छा और बुरे को बुरे कर्मों का फल देते हैं. शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती को अच्छा नहीं माना जाता. अगर किसी पर इनकी छाया होती है तो वह किसी के भी जीवन को उथल-पुथल कर सकता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि के राशि परिवर्तन के बाद कुछ राशियों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव शुरू हो जाता है तो वहीं कुछ राशियों से इसका प्रभाव खत्म हो जाता है. कुछ राशियों पर 2023 में शनि की ढैय्या शुरू होगी तो कुछ राशियों को उससे मुक्ति मिलेगी.

इन राशियों पर होगा प्रभाव

मिथुन: ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, 17 जनवरी 2023 को शनि के मार्गी होने पर मिथुन राशि वालों को शनि की ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी क्योंकि 29 अप्रैल 2022 को शनि के कुंभ राशि में आने से कर्क व वृश्चिक राशि वालों पर शनि ढैय्या शुरू हुई थी.

धनु: ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, 17 जनवरी 2023 को धनु राशि वालों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी.

कुंभ: 24 जनवरी 2020 से शुरू हुई कुंभ राशि वालों की साढ़ेसाती से 23 फरवरी 2028 को उन्हें मुक्ति मिलेगी. शनि के मार्गी होने पर मिलेगी।

मीन: 29 अप्रैल 2022 को शनि ने कुंभ राशि में प्रवेश करने से मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हुई थी जो कि 17 अप्रैल 2030 तक रहेगी. 

मकर: ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, 26 जनवरी 2017 को मकर राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हुई थी जो 29 मार्च 2025 तक चलेगी.

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साढ़े साती और ढैय्या का महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर इंसान के जीवन में शनि की साढ़े साती तीन बार आती है. वहीं, ढैय्या का असर ढाई वर्ष रहता है. इनके कारण इंसान शारीरिक और मानसिक दुखों का सामना करता है. ऐसी मान्यताएं हैं कि शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती के समय गरीब या असहाय को सताने से शनि और भी क्रोधित हो जाते हैं. 

साढ़े साती और ढैय्या के उपाय

साढ़े साती या ढैय्या के अशुभ परिणामों से बचने के लिए शनि महाराज को प्रसन्न रखना चाहिए जिससे जीवन सरलता से चल सके. इस समय शनि का दान, मंत्र जाप, पूजन आदि करने से काफी राहत मिलती हैं. शास्त्रों में शनि की औषधि स्नान आदि के बारे में भी कहा गया है. शनि को शांत रखने के लिए शनि के बीज मंत्र की कम से कम तीन मालाएँ अवश्य करनी चाहिए और मंत्र जाप से पूर्व संकल्प करना जरुरी है. 

 

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