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Shani Gochar 2026: बैक टू बैक दो बार होने वाला शनि का गोचर, साढ़ेसाती की मार झेल रही 3 राशियों पर होगा बड़ा असर

Shani Gochar 2026: शनि गोचर का मतलब होता है शनि ग्रह का राशि परिवर्तन करना, यानी शनि किसी एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है. ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्मफल और जीवन की स्थिरता का कारक ग्रह माना गया है.

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शनि गोचर.
शनि गोचर.

Shani Nakshtra Parivartan 2026: साल 2026 शनि की चाल के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. अगले कुछ महीनों में शनि दो बड़े बदलाव करने जा रहे हैं, जिनका असर सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में दिखाई देगा. इनमें शनि का नक्षत्र परिवर्तन और शनि का वक्री होना शामिल है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि की ये दोनों चालें जीवन ,  काम, जिम्मेदारी, धैर्य और परिणामों को सीधे प्रभावित करती हैं. आइए जानते हैं कि 2026 में शनि के ये परिवर्तन राशियों पर किस तरह असर डालेंगे.

शनि का नक्षत्र गोचर 2026 में कब होगा

साल 2026 में शनि का महत्वपूर्ण नक्षत्र परिवर्तन मई महीने में देखने को मिलेगा. इस दौरान शनि बीच-बीच में पद नक्षत्र बदलेंगे, लेकिन 17 मई को शनि रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे.यह परिवर्तन इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध हैं.  इस दौरान शनि-बुध की युति बनेगी. ज्योतिष के अनुसार यह संयोग कई राशियों के लिए लाभ, प्रगति और नए अवसरों के संकेत देता है.

शनि 2026 में कब होंगे वक्री

फिलहाल शनि सीधी चाल यानी मार्गी अवस्था में हैं, लेकिन जुलाई 2026 में शनि मीन राशि में रहते हुए वक्री हो जाएंगे. शनि लगभग 180 दिनों तक वक्री अवस्था में रहेंगे.शनि की वक्री चाल को आत्ममंथन, पुराने कर्मों के परिणाम और अधूरे कार्यों से जोड़कर देखा जाता है. इस अवधि में कई राशियों को धीमी लेकिन स्थायी सफलता मिल सकती है. दिसंबर 2026 में शनि दोबारा मार्गी होंगे.

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साढ़ेसाती से गुजर रही राशि पर शनि का प्रभाव

जिन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है, उनके लिए शनि का नक्षत्र परिवर्तन और वक्री चाल दोनों ही महत्वपूर्ण रहेंगे. शनि कुंभ राशि के स्वामी हैं और इस समय इस राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव बना हुआ है.बुध के नक्षत्र में शनि के जाने से वाणी, सोच और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में लाभ के संकेत मिलते हैं. सही शब्दों और व्यवहार से काम बनने की संभावना बढ़ेगी.

मेष राशि (Aries) पर शनि गोचर 2026 का प्रभाव

मेष राशि वालों के लिए शनि का यह समय धैर्य और समझदारी की परीक्षा लेने वाला रहेगा. शनि का नक्षत्र परिवर्तन आपको योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की सीख देगा. जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है, जबकि सोच-समझकर उठाया गया कदम लाभ दिला सकता है.शनि के वक्री होने पर पुराने काम, अधूरे प्रोजेक्ट और पहले किए गए प्रयास दोबारा सामने आ सकते हैं. इस दौरान मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, लेकिन उसका फल देर से सही, स्थायी मिलेगा. करियर और जिम्मेदारियों के मामले में यह समय आपको परिपक्व बनाएगा.


मीन राशि पर शनि गोचर 2026 का प्रभाव
मीन राशि वालों के लिए शनि गोचर 2026 अहम रहने वाला है.  शनि इसी राशि में नक्षत्र परिवर्तन और वक्री होंगे, जिससे जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. रेवती नक्षत्र में शनि के जाने से सोच अधिक व्यावहारिक होगी. फैसले समझदारी से लिए जाएंगे. वक्री अवस्था में पुराने काम दोबारा सामने आ सकते हैं, इसलिए धैर्य रखना जरूरी होगा. मेहनत का फल देर से लेकिन स्थायी रूप में मिलने के संकेत हैं.

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