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Mauni Amavasya 2023: राहु-केतु से पितृदोष तक, मौनी अमावस्या पर ये उपाय करने से दूर होते हैं संकट

Mauni Amavasya 2023: मौनी अमावस्या पर मौन रहकर स्नान और दान करने का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन पूरी तरह से मौन रहें तो अच्छी सेहत और ज्ञान मिलता है. इस दिन पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाने से मानसिक समस्या, डर या वहम से भी मुक्ति मिलती है.

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राहु-केतु से लेकर पितृदोष तक, हर संकट दूर कर सकते हैं मौनी अमावस्या के ये दिव्य उपाय (Photo: Getty Images)
राहु-केतु से लेकर पितृदोष तक, हर संकट दूर कर सकते हैं मौनी अमावस्या के ये दिव्य उपाय (Photo: Getty Images)

Mauni Amavasya 2023: मौनी अमावस्या पर मौन रहकर स्नान और दान करने का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन पूरी तरह से मौन रहें तो अच्छी सेहत और ज्ञान मिलता है. इस दिन पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाने से मानसिक समस्या, डर या वहम से भी मुक्ति मिलती है. अगर ये पूरे नियम से करें तो कुंडली के सभी ग्रह दोष दूर हो जाते हैं हैं. आइए आपको मौनी अमावस्या के कुछ दिव्य उपायों के बारे में बताते हैं.

मौनी अमावस्या पर करें दिव्य प्रयोग
मौनी अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठें. जल में दो बूंद गंगाजल डालकर स्नान करें. तांबे के लोटे में गंगाजल भरकर रखें. लाल चंदन या रूद्राक्ष की माला से गायत्री मंत्र का 3 माला  जाप करें. जाप के बाद लौटे के गंगाजल को सारे घर में छिड़क दें. बीमार व्यक्ति को इसका सेवन जरूर कराएं.

राहु केतु की शांति के लिए उपाय
राहु केतु से निजात पाने के लिए मौनी अमावस्या पर शिवजी के मंदिर जाएं. भगवान शिव को एक रूद्राक्ष की माला अर्पित करें. धूप जलाकर शिवजी के मंत्र का उसी माला से 108 बार जाप करें. मंत्र होगा- "रूपं देहि, यशो देहि, भोगं देहि च शंकर। भुक्ति मुक्ति फलं देहि, गृहीत्वार्घ्यम नमोस्तुते।।". इस माला को या तो अपने पास रखें या गले में धारण करें.

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मौनी अमावस्या के खास प्रयोग
मुक्ति और मोक्ष के लिए गौ दान करें. आर्थिक समृद्धि के लिए भूमि दान करें. ग्रह-नक्षत्र की बाधा से मुक्ति के लिए काले तिलों का दान करें. रोग और कर्ज से मुक्ति के लिए सोने का दान करें. पारिवारिक जीवन की खुशहाली के लिए पात्र सहित घी का दान करें. किसी भी प्रकार की बाधा से मुक्ति के लिए नमक का दान करें. वंश वृद्धि और संतान की उन्नति के लिए चांदी का दान करें.

पितृ दोष की शांति के लिए उपाय
किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करें. स्नान के दौरान आठ या नौ डुबकी लगाएं. तिल मिले हुए जल से सूर्य देव को अर्घ्य दें. भगवान विष्णु के मन्त्रों का जाप करें. पितरों के लिए प्रार्थना करें. किसी निर्धन व्यक्ति को अन्न और वस्त्र का दान करें.

 

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