Mangladitya Rajyog 2026: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मार्च में एक विशेष ग्रह योग बनेगा. द्रिक पंचांग के अनुसार, 19 फरवरी 2026 को सूर्य शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश करेगा. इसके बाद, 3 मार्च 2026 को मंगल ग्रह भी इसी नक्षत्र में प्रवेश करेगा. इस दौरान सूर्य और मंगल दोनों शतभिषा नक्षत्र में एक साथ स्थित होंगे. इससे 3 मार्च को शतभिषा नक्षत्र में मंगलादित्य राजयोग बनेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह राजयोग धन, सफलता और मान-सम्मान में वृद्धि के लिए अनुकूल माना जाता है. ज्योतिषियों के अनुसार, यह शुभ योग 5 राशियों के लिए सबसे अधिक लाभदायक माना जा रहा है. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
मेष राशि
मार्च में बनने जा रहा मंगलादित्य राजयोग मेष राशि वालों के लिए बहुत ही लाभकारी रहेगा. दरअसल, मेष राशि का स्वामी ग्रह मंगल है. यह योग मेष वालों के लिए बहुत शुभ रहेगा. इस दौरान आत्मविश्वास में अच्छी वृद्धि होगी. कामकाजी वर्ग के लोगों को कार्यस्थल पर कई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं. आर्थिक लाभ में वृद्धि पाएंगे जिससे धन की स्थिति भी ठीक होगी.
मिथुन राशि
मंगलादित्य राजयोग से मिथुन राशि वालों का भाग्य इस दौरान चमकेगा. कई दिनों से लंबित कार्यों को पूरा कर सकेंगे. यह समय निवेश के लिए भी उपयुक्त माना जा रहा है. विदेश यात्रा के अवसर भी मिलेंगे.
सिंह राशि
सिंह राशि का स्वामी ग्रह सूर्य हैं. इसलिए, इस सूर्य का सिंह राशि वालों पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा. व्यवसाय में वृद्धि होगी. समाज में आपको अच्छा मान-सम्मान मिलेगा. पैतृक संपत्ति से आपको अच्छा लाभ प्राप्त होगा. राजनीति में सक्रिय रहेंगे.
तुला राशि
मंगलादित्य योग तुला राशि वालों के लिए शुभ रहेगा. इस दौरान करियर में कई बदलाव देखने को मिलेंगे. आपके विचार मजबूत होंगे. साझेदारी में काम करने वालों को अच्छा लाभ मिलेगा. आय के नए स्रोत भी खुलेंगे. अपने साथी से सहयोग मिलेगा.
मकर राशि
मंगल और सूर्य का यह संयोग मकर राशि वालों के लिए खास माना जा रहा है. आपके व्यक्तित्व और फैसलों पर दिखाई दे सकता है. आत्मविश्वास बढ़ेगा और लोग आपकी बातों को गंभीरता से लेंगे. समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी पकड़ मजबूत हो सकती है.
मंगलादित्य राजयोग से रहें सावधान
सूर्य और मंगल दोनों ही तेज और ताकतवर स्वभाव वाले ग्रह माने जाते हैं. इनकी युति से व्यवहार में थोड़ी सख्ती या गुस्सा बढ़ सकता है. इसलिए, सफलता को बनाए रखने के लिए बोलचाल में संयम और व्यवहार में संतुलन रखना जरूरी होगा.