घर की साफ-सफाई केवल धूल और गंदगी हटाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसका सीधा असर घर के माहौल और ऊर्जा पर भी पड़ता है. कई घरों में यह आम बात है कि पुराने या बेकार समझे जाने वाले कपड़ों को पोछे या डस्टिंग के काम में लगा लिया जाता है. खासतौर पर बच्चों या परिवार के सदस्यों के पुराने कपड़े सफाई में इस्तेमाल कर लिए जाते हैं. लेकिन वास्तु और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, यह आदत अनजाने में घर में नकारात्मकता को बढ़ा सकती है. सफाई के लिए सही सामान को चुनना भी उतना ही जरूरी है, जितना रोज सफ़ाई करना. ज्योतिर्विद बताते हैं कि पुराने कपड़ों से पोछा लगाने को क्यों अशुभ माना जाता है.
पुराने कपड़े और ऊर्जा का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कपड़े व्यक्ति की भावनाओं और ऊर्जा से जुड़े होते हैं. लंबे समय तक पहने गए कपड़े में बीते हुए अनुभवों, बीमारी या मानसिक तनाव की छाप रह जाती है, जब ऐसे कपड़ों से फर्श साफ की जाती है, तो उनसे जुड़ी नकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में फैल सकती है, जिससे घर का वातावरण भारी और अशांत हो जाता है.
पोछे में पुराने कपड़ों का इस्तेमाल क्यों न करें
ऐसा माना जाता है कि पोछा लगाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर जाती है. लेकिन जब इसके लिए पुराने कपड़ों का इस्तेमाल किया जाता है, तो वे नकारात्मक ऊर्जा को सोखने के बजाय वापस घर में फैला सकते हैं. इसका असर घर में रहने वाले लोगों की सोच, सेहत और मनोदशा पर पड़ सकता है.
किस्मत और धन पर असर
वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, साफ-सफाई का सीधा संबंध धन और सौभाग्य से होता है. गलत तरीके से की गई सफाई आर्थिक परेशानियों की वजह बन सकती है. पुराने या फटे कपड़ों से पोछा लगाने की आदत नौकरी में रुकावट, व्यापार में नुकसान और खर्च बढ़ने जैसी समस्याएं ला सकती है. खासतौर पर फटे कपड़ों को बेहद अशुभ माना गया है.
रिश्तों और मानसिक शांति पर प्रभाव
घर का माहौल वहां मौजूद ऊर्जा से बनता है. जब नकारात्मकता बढ़ती है, तो रिश्तों में तनाव, बच्चों की पढ़ाई में रुकावट और छोटी बातों पर विवाद बढ़ सकते हैं. कई बार लोग कारण समझ नहीं पाते, लेकिन इसकी एक वजह घर में पुराने कपड़ों का पोछे के रूप में इस्तेमाल करना भी हो सकता है.