गुरुदेव बृहस्पति 29 जुलाई को स्वराशि मीन में वक्री होने जा रहे हैं. जब भी कोई ग्रह वक्री होता है तो उसकी चाल उल्टी हो जाती है. गुरु 24 नवंबर तक उल्टी चाल चलेंगे. ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह का संबंध ज्ञान, गुरु, वृद्धि शिक्षक संतान, धन, दान और पुण्य से जुड़ा हुआ है. इसलिए गुरु की चाल बदलते ही इसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा. हालांकि तीन राशियां ऐसी हैं जिन्हें वक्री गुरु मालामाल करने वाले हैं. आइए ज्योतिषविद श्रीपति त्रिपाठी से जानते हैं वो तीन लकी राशियों कौन सी हैं.
वृषभ राशि- वक्री चाल के साथ गुरु वृषभ राशि वालों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे. आपकी राशि से गुरु ग्रह 11वें भाव में वक्री होंगे. आय और वृद्धि का भाव कहा जाता है. इस दौरान आपकी आय में बढ़ोतरी हो सकती है. आय के नए स्रोत भी उत्पन्न हो सकते हैं. कारोबार में अच्छा मुनाफा हो सकता है. कोई नई व्यावसायिक डील भी मिल सकती है. आपकी कार्यशैली में निखार आएगा जिससे कार्यस्थल पर आपकी खूब प्रशंसा होगी. जो लोग नया स्टार्टअप करने की प्लानिंग कर रहे हैं, उनके लिए भी समय उत्तम रहने वाला है.
मिथुन राशि- गुरु ग्रह के वक्री होते ही मिथुन राशि वालों के जीवन में अच्छे बदलाव आ सकते हैं. गुरु ग्रह आपके 10वें स्थान में वक्री होने जा रहे हैं. इसे नौकरी, कारोबार और कार्यक्षेत्र का स्थान कहा जाता है. इसलिए आपको नई नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है. पद-प्रतिष्ठा बढ़ सकती है. इस दौरान धन लाभ के योग भी बनेंगे. आपकी राशि में नए व्यवसायिक संबंध भी बन सकते हैं. मार्केटिंग, मीडिया जैसे पेशे में कार्यरत लोगों के लिए समय बहुत ही अच्छा रहेगा.
कर्क राशि- गुरु ग्रह कर्क राशि से नवम भाव में वक्री होने जा रहे हैं. इसे सौभाग्य और विदेश यात्रा का स्थान कहा जाता है. गुरु की चाल बदलते ही कर्क राशि वालों को मेहनत के साथ-साथ भाग्य का भी पूरा साथ मिलेगा. साथ ही आपके अटके हुए या उधारी में फंसे हुए पैसे भी वापस मिलेंगे. इस दौरान आप कारोबार के सिलसिले में देश-विदेश की यात्रा पर भी जा सकते हैं. जिन लोगों का कारोबार विदेश से जुड़ा हुआ है, उन्हें खूब लाभ होगा.