Guru Pradosh Vrat Today: आज यानी 14 मई गुरुवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत मनाया जा रहा है. गुरुवार के दिन पड़ने के कारण इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है. हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व है क्योंकि यह भगवान शिव की कृपा के साथ-साथ सुख-समृद्धि और शत्रुओं पर विजय दिलाने वाला माना जाता है.
पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त
प्रदोष व्रत की मुख्य पूजा शाम के समय यानी प्रदोष काल में की जाती है. आज पूजा का प्रदोष काल मुहूर्त शाम 06:54 PM से रात 09:02 PM तक रहेगा. शाम 07:05 PM के बाद महादेव की आराधना करना अत्यंत फलदायी रहेगा.
गुरु प्रदोष व्रत की पौराणिक कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, एक गरीब ब्राह्मणी अपने पति की मृत्यु के बाद भिक्षा मांगकर अपना और अपने पुत्र का पेट पालती थी. एक दिन उसे विदर्भ देश का राजकुमार मिला, जिसका राज्य शत्रुओं ने छीन लिया था. ब्राह्मणी ने दयावश उसे शरण दी.
एक दिन ब्राह्मणी शांडिल्य ऋषि के आश्रम पहुंची, जहां ऋषि ने उसे प्रदोष व्रत करने की सलाह दी. ब्राह्मणी ने पूरी श्रद्धा से व्रत किया. कुछ समय बाद राजकुमार का विवाह एक गंधर्व कन्या से हुआ, महादेव की कृपा से उसे विशाल सेना प्राप्त हुई. राजकुमार ने अपने शत्रुओं को हराकर अपना खोया हुआ राज्य वापस पा लिया, तब ब्राह्मणी के पुत्र को अपना मंत्री बनाया. मान्यता है कि जो भी व्यक्ति आज के दिन इस कथा को पढ़ता या सुनता है, महादेव उसके जीवन से दरिद्रता और शत्रुओं का नाश कर देते हैं.
आज की सरल पूजा विधि
स्नान: आज सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करना शुभ रहता है.
अभिषेक: मंदिर जाकर शिवलिंग पर दूध, शहद और गंगाजल अर्पित करें.
बेलपत्र: 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हुए 11 या 21 बेलपत्र चढ़ाएं.
दीपदान: शाम के मुहूर्त में शिवजी के सामने घी का दीपक जलाएं और व्रत कथा पढ़ें.
आज के विशेष उपाय (Powerful Remedies)
सफलता के लिए: शिवलिंग पर चने की दाल चढ़ाएं.
आर्थिक लाभ के लिए: आज के दिन जरूरतमंदों को पीला फल या अनाज दान करें.
मनोकामना पूर्ति: शाम की पूजा में शिव चालीसा का पाठ करें और केसर युक्त खीर का भोग लगाएं.