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Chandra Grahan 2026 In India: साल का पहला चंद्र ग्रहण खत्म, देश-दुनिया से सामने आईं दुर्लभ तस्वीरें

Chandra Grahan 2026 Sutak Kaal: साल का पहला चंद्र ग्रहण समाप्त हो चुका है. करीब 3 घंटे 26 मिनट की अवधि वाला यह चंद्र ग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई दिया. सोशल मीडिया पर देश-दुनिया से इस चंद्र ग्रहण की तस्वीरें सामने आ रही हैं.

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साल का पहला चंद्र ग्रहण समाप्त हो चुका है. दुनियाभर में कई जगहों पर 'ब्लड मून' का नजारा भी दिखाई दिया. (Photo: AP)
साल का पहला चंद्र ग्रहण समाप्त हो चुका है. दुनियाभर में कई जगहों पर 'ब्लड मून' का नजारा भी दिखाई दिया. (Photo: AP)

Chandra Grahan 2026 Live Updates: साल का पहला चंद्र ग्रहण समाप्त हो गया है. यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दृश्यमान था. दिल्ली-एनसीआर सहित देश में कई जगहों पर चंद्र ग्रहण दिखाई दिया. देश-दुनिया से कई दुर्लभ तस्वीरें सामने आईं. कई जगहों पर तो लोगों ने 'ब्लड मून' का नजारा भी देखा. चंद्र ग्रहण का मोक्ष काल भी समाप्त हो गया है. अब लोग स्नानादि के बाद गंगाजल का छिड़काव कर घर को शुद्ध कर सकते हैं. सामर्थ्य के अनुसार, गरीबोंं को दान कर सकते हैं.

07.51 PM: चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर की साफ-सफाई की गई. कार्यकर्ताओं ने मंदिर को जल से धोकर उसका शुद्धिकरण किया.


07.47 PM: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी चंद्र ग्रहण के दौरान सुर्ख लाल चंद्रमा दिखाई दिया. 


07.41 PM: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में भी लोगों ने चंद्र ग्रहण के दौरान 'ब्लड मून' का दृश्य देखा. यहां आसमान साफ होने की वजह से लाल चंद्रमा बिल्कुल साफ दिखाई दिया.

07.38 PM: चंद्र ग्रहण के बाद क्या दान करें?
चंद्र ग्रहण समाप्त हो चुका है. चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद चंद्रमा से जुड़ी चीजों का दान करना अच्छा माना जाता है. इस दौरान आप दूध, चावल, चीनी, सफेद वस्त्र, नारियल, दही और सफेद मिठाई का दान कर सकते हैं. सामर्थ्य के अनुसार, धन का दान करना भी उत्तम होगा.

07.18 PM: चंडीगढ़ में दिखाई दिया 'ब्लड मून'. कई लोगों ने इस अद्भुत नजारे को तस्वीरों में कैद किया.

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07.05 PM: पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में खंडग्रास चंद्र ग्रहण का नजारा आसमान में दिखाई दिया.


06.55 PM: चंद्र ग्रहण का मोक्ष काल कितने बजे हैं?
ज्योतिषविद डॉ. वाई राखी ने बताया कि चंद्र ग्रहण का प्रभाव सूतक काल से लेकर मोक्ष काल तक रहता है. मोक्ष काल में ही चंद्रमा को ग्रहण से पूर्ण रूप से मोक्ष मिलता है. इस ग्रहण का मोक्ष काल शाम 7 बजकर 53 मिनट तक है. इस वक्त चंद्रमा पूर्ण रूप से ग्रहण की छाया से बाहर आएंगे. लेकिन वो आम इंसानों पर लागू नहीं होता है. इसलिए अब आप स्नान करके घर को गंगाजल से शुद्ध कर सकते हैं. ग्रहण के बाद दान-दक्षिणा करने से भी बड़ा लाभ मिलता है.

06.50 PM: झारखंड की राजधानी रांची से भी चंद्र ग्रहण की दुर्लभ तस्वीर सामने आ गई है. यह चंद्र ग्रहण अपने समापन के करीब है और चंद्रमा धीरे-धीरे अपनी सामान्य चमक में लौट रहा है.


06.23 PM: चंद्र ग्रहण की यह तस्वीर चीन की राजधानी बीजिंग से सामने आई है.

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चंद्र ग्रहण 2026
चंद्र ग्रहण 2026 (Photo: Screengrab/timeanddate.com)

05.48 PM: साल के पहले चंद्र ग्रहण की ये दुर्लभ तस्वीर सेंट्रल अमेरिका के पनामा शहर से सामने आई है. यहां लोगों ने आसमान में 'ब्लड मून' का अद्भुत नजारा देखा

चंद्र ग्रहण 2026
चंद्र ग्रहण 2026 (Photo Credit: AP)

05.41 PM: अमेरिका के फ्लोरिडा शहर से एक अन्य यूजर ने एक्स पर चंद्र ग्रहण की तस्वीर अपलोड करते हुए लिखा, 'गुड मॉर्निंग सेंट्रल फ्लोरिडा. सुबह जल्दी उठने वालों ने चंद्र ग्रहण का अद्भुत नजारा देख लिया. अगर आप इसे देखने से चूक गए तो अब देख लीजिए.


05.31 PM: दुनियाभर के कई देशों से चंद्र ग्रहण की दुर्लभ तस्वीरें सामने आने लगी हैं. यह तस्वीर ऑस्ट्रेलिया से एक यूजर ने अपने एक्स हैंडल पर पर अपलोड की है.

चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण 2026 (Photo: Screengrab/@TferThomas)

05.05 PM: होली पर रंग खेलते वक्त सावधानी बरतें
ज्योतिषविद प्रवीण मिश्र के अनुसार, यह बड़ा दिलचस्प है कि होलिका दहन और रंग वाली होली के बीच चंद्र ग्रहण के कारण एक खाली दिन आया है. हालांकि कुछ लोग आज चंद्र ग्रहण के बाद भी होलिका दहन करेंगे. ऐसे में ग्रहण का प्रभाव अगले दिन यानी धुलेंडी के समय भी देखने को मिल सकता है. उन्होंने कहा कि रंग खेलते वक्त लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए. जिन लोगों से ज्यादा मेल-मिलाप नहीं है, उन्हें बहुत सोच-समझकर ही रंग लगाएं. चंद्र ग्रहण लोगों के मन को प्रभावित कर सकता है. ऐसे में लड़ाई-झगड़ा या कहासुनी होने की संभावना बनी रहेगी.

05.02 PM: भारत में सबसे पहले कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण?
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर में चंद्र ग्रहण सबसे पहले दिखाई देगा. इसके अवाला पूर्वोत्तर भारत के कई बड़े शहरों में भी चंद्र ग्रहण जल्दी दृश्यमान हो जाएगा. इटानगर के अलावा मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, असम, मणिपुर और मेघालय में भी चंद्र ग्रहण दिखाई देगा.

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05.02 PM: चंद्र ग्रहण पर करें ये उपाय

04.58 PM: चंद्र ग्रहण का कैसा पड़ता है प्रभाव 
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण का असर सबसे ज्यादा मन और भावनाओं पर पड़ता है. इस दौरान तनाव, भ्रम और नकारात्मक सोच बढ़ सकती है. इसलिए इस समय शांत रहना और बड़े फैसलों से बचना बेहतर माना जाता है.

04.55 PM: अगले 14 दिन ग्रहण का ये रहेगा असर

04.46 PM: ग्रहण की समाप्ति के बाद क्या करें
ग्रहण समाप्ति के बाद कुछ विशेष बातों का ध्यान रखें. जैसे सबसे पहले नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें. फिर पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें. उसके बाद मंदिर की साफ-सफाई करके भगवान की मूर्तियों को स्नान कराएं. फिर विधि-विधान से पूजा करें. 

04.33 PM: कितने दिन रहता है चंद्र ग्रहण का प्रभाव?
ज्योतिषाचार्य राजकुमार शास्त्री ने बताया कि चंद्र ग्रहण का प्रभाव तीन दिन पहले शुरू हो जाता है और तीन दिन बाद तक बना रहता है. यही कारण है कि ग्रहण के तीन दिन बाद तक शुभ-मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं.

04.20 PM: कितने बजे खत्म होगा सूतक काल?
चंद्र ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है. इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल आज सवेरे 6 बजकर 20 मिनट पर शुरू हुआ था. अब यह सूतक ग्रहण के साथ ही खत्म होगा. यानी शाम 6 बजकर 46 मिनट पर सूतक हट जाएगी.

04.00 PM: आर्थिक स्थिति पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव
आचार्य शैलेश तिवारी के मुताबिक, चंद्र ग्रहण के समय मंगल और राहु का अंगारक योग किसी बड़े युद्ध की तरफ इशारा कर रहा है. ब्रह्मांड का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति भी अतिचारी है. ऐसे में शेयर मार्केट में बड़ा क्रैश संभव है. सोने-चांदी और तांबे की कीमत में उछाल संभव है. क्रिप्टो करेंसी में भी गिरावट आ सकती है.

03.53 PM: कितने बजे दिखेगा ब्लड मून?
जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी के छाया में आ जाता है, तब पूर्ण चंद्र ग्रहण लगता है. इस दौरान पृथ्वी से चंद्रमा लाल रंग का दिखाई पड़ता है. वैज्ञानिकों की भाषा में इसे ही ब्लड मून कहा जाता है. आज भी दुनिया के कई हिस्सों में ब्लड मून का नजारा आसमान में दिखाई देगा. शाम 4 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक चंद्रमा का पूरा या अधिकांश हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा. इस वक्त ही लोगों को ब्लड मून का दृश्य दिखाई देगा.

तुलसी दल क्यों है उपयोगी?
03.49 PM: चंद्र ग्रहण का सूतक काल शुरू होने से पहले खाने-पीने की चीजों में तुलसी का पत्ता डालकर रख दिया जाता है. इस बारे में ज्योतिषविद नंदिता पांडेय ने बताया कि तुलसी के पौधे में बहुत स्ट्रॉन्ग प्रॉपर्टीज होती हैं. भगवान विष्णु की विशेष कृपा भी तुलसी पर रहती है. इसलिए खाने-पीने की चीजों में तुलसी दल डालने से ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव उस पर नहीं होता है. अगर तुलसी नहीं है तो आप कुशा घास या फूल वाली लॉन्ग बी खाने में डालकर रख सकते हैं.

03.40 PM: चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें?
ज्योतिषाचार्य राजकुमार शास्त्री का कहना है कि 3 मार्च का चंद्र ग्रहण भारत में भी दिख रहा है. इसलिए सभी को अपना ख्याल रखने की जरूरत है. हालांकि सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में पैदा हुए लोगों को विशेषतौर पर ख्याल रखना होगा. ग्रहण काल में खिड़की दरवाजों को बंद रखें. घर से बाहर न जाएं. सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं तो इन्हें सूर्य देव की उपासना करनी चाहिए. आदित्य हृदय स्रोत का पाठ करना चाहिए.

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03.30 PM: भारत में कितने बजे दिखेगा चंद्र ग्रहण?
3 मार्च को भारत में चंद्रोदय का समय शाम को करीब 06 बजकर 26 मिनट पर बताया गया है. चंद्रोदय होते ही भारत के कई हिस्सों में चंद्र ग्रहण नजर आने लगेगा. इसके बाद शाम 6 बजकर 46 मिनट तक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा.

03.24 PM: चंद्र ग्रहण का समय
चंद्र ग्रहण आरंभ-
दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर
चंद्र ग्रहण समाप्त- शाम 6 बजकर 46 मिनट पर
पूर्ण चंद्र ग्रहण (टोटैलिटी): शाम 4 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक
सूतक काल शुरू- सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर
सूतक काल समाप्त- शाम 6 बजकर 46 मिनट पर

03.15 PM: ग्रहण का युद्ध से क्या कनेक्शन क्या है?
पंडित अजय भांबी ने बताया कि जिस भी देश में ग्रहण दिखाई देता है, वहां निश्चित तौर पर उसका प्रभाव होता है. व्यक्तिगत तौर पर जिन लोगों की कुंडली में ग्रहों की दशा खराब है या कोई दोष लगा हुआ है, उन पर असर ज्यादा रहता है. उन्होंने आगे बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जन्म भी चंद्र ग्रहण के दौरान हुआ था. संयोगवश ग्रहण के समय ही ईरान पर अमेरिका ने अटैक किया है. इसके अलावा प्रकृति पर भी ग्रहण का असर होता है.

03.00 PM: सूतक क्या होता है?
चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले और सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक लग जाता है. सूतक को लेकर कई बार लोग घबरा जाते हैं. खासतौर से गर्भवती महिलाएं ज्यादा परेशान हो जाती हैं. इस बारे में ज्योतिषविद प्रवीण मिश्र ने बताया कि यदि गर्भवती महिलाएं ग्रहण काल या सूतक काल में घर के अंदर हैं तो इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा. आप अपने रूटीन कार्य कर सकती हैं. आवश्यक्तानुसार खान-पान कर सकती हैं. बस मन में नकारात्मकता न लाएं और घर में रहने का प्रयास करें.

02.49 PM: 'बैड नहीं गुड भी है ये चंद्र ग्रहण'
ज्योतिषविद आचार्य राज मिश्रा ने शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि यदि ग्रहण में स्नान-दान, जप-तप किया जाए तो इसका प्रतिफल लाखों गुना अधिक हो सकता है. यानी इस अवधि में किसी मंत्र का जाप या स्नान-दान किया जाए तो व्यक्ति को बेशुमार लाभ मिल सकता है. इस एक उपाय से जन्म-जन्मान्तर के पाप भी नष्ट हो जाते हैं.

02.40 PM: कितने प्रकार का होता है चंद्र ग्रहण?
पूर्ण चंद्र ग्रहण-
जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में आ जाता है.
आंशिक चंद्र ग्रहण- जब चंद्रमा का कुछ हिस्सा पृथ्वी की छाया में आता है.
उपछाया चंद्र ग्रहण- जब चंद्रमा पृथ्वी की हल्की छाया में आता है.

02.03 PM: इन 2 राशियों के लिए मुश्किल चंद्र ग्रहण
आचार्य गौरव के मुताबिक, चंद्र ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है. लेकिन इसका प्रभाव सिर्फ सिंह राशि पर ही नहीं होगा. बल्कि कुंभ राशि के जातकों को भी सावधान रहना होगा. सिंह राशि के ठीक सामने 180 डिग्री पर कुंभ राशि है. ऐसे में ग्रहण अगर सिंह राशि में लगा है तो उसका प्रभाव कुंभ राशि पर भी होगा. इसलिए दोनों ही राशि वालों को सावधानी बरतनी होगी. आज कोई बड़ा निर्णय या बड़ी डील न करें. झगड़े, वाद-विवाद से दूर रहें. वाहन ध्यान से चलाएं.

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01.53 PM: चंद्र ग्रहण की कुल अवधि कितनी है?
भारतीय समयानुसार, चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर 03:20 बजे आरंभ होगा और शाम 06:46 बजे समाप्त होगा. यानी इस चंद्र ग्रहण की कुल अवधि करीब 3 घंटे 26 मिनट की रहेगी.

चंद्र ग्रहण के बीच कैसे करें होली की तैयारी?
चंद्र ग्रहण ने न सिर्फ होलिका दहन बल्कि रंग वाली होली (धुलेंडी) पर भी लोगों को चिंता में डाल रखा है. पंडित संजय शर्मा ने बताया कि अभी सूतक लगा हुआ है, जो शाम को ग्रहण के साथ ही खत्म होगा. इस अवधि में होली पर खान-पान से जुड़ी तैयारियां भी नहीं हो पाएंगी. उन्होंने बताया कि ग्रहण काल में लाई गई सामग्री से बना भोजन विष के समान होता है. इसमें न तो खाना बनाया जाता है और न ही परोसा जाता है. इसलिए ग्रहण खत्म होते ही पहले स्नान करें. गंगाजल से घर को शुद्ध करें. और फिर होली पर गुजिया, पकौड़े या अन्य खान-पान की तैयारी शुरू करें.

01.25 PM: चंद्र ग्रहण का होली पर कितना असर?
फाल्गुन पूर्णिमा के संयोग में पड़ रहे इस चंद्र ग्रहण के चलते लोग होलिका दहन की तारीख को लेकर भी बहुत भ्रमित हैं. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि जो लोग 2 मार्च को होलिका दहन नहीं कर पाए, वो 3 मार्च को ग्रहण समाप्त होने के बाद होलिका दहन कर सकते हैं. आज शाम 6 बजकर 46 मिनट पर ग्रहण समाप्त हो जाएगा. इस वक्त न तो ग्रहण का प्रभाव होगा और न ही भद्रा का साया. इसके बाद आप 4 मार्च को निसंकोच रंगों की होली भी खेल सकते हैं.

01.14 PM: देश-दुनिया पर चंद्र ग्रहण का कितना असर?
पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि चंद्र ग्रहण में मंगल, राहु और केतु का संबंध भी बन रहा है. अग्नि का यह योग युद्ध और बड़ी तबाही के संकेत दे रहा है. देश-दुनिया में युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं. दुनिया में कहीं भी सत्ता परिवर्तन हो सकता है. लोगों को बड़े पद गंवाने पड़ सकते हैं. बेवजह का विवाद उभरता दिखाई देगा.

01.05 PM: अग्नि की राशि में चंद्रमा-केतु लगा रहे ग्रहण
पंडित शैलेंद्र पांडेय के मुताबिक, चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा और केतु सिंह राशि में साथ बैठे हैं. चंद्रमा पर सूर्य, बुध और मंगल की दृष्टि भी है. चंद्र ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, जो कि अग्नि तत्व की राशि है. इस राशि में चंद्रमा-केतु की जोड़ी और मंगल-राहु का प्रभाव अग्नि तत्व को प्रधान बना रहा है और देश-दुनिया में उपद्रव बढ़ने के संकेत दे रहा है.

12.51 PM: भारत में इन जगहों पर दिख सकता है पूर्ण चंद्र ग्रहण?
भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में आज शाम को पूर्ण चंद्र ग्रहण का नजारा देखा जा सकता है. या यूं कहें कि इन जगहों से चंद्र ग्रहण का दृश्य बिल्कुल साफ दिखाई देगा. अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, असम, मणिपुर, मेघालय, और पश्मिच बंगाल में पूर्ण चंद्र ग्रहण का दृश्य दिखाई दे सकता है.

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12.44 PM: देश में कहां-कहां दिखेगा खंडग्रास चंद्र ग्रहण?
आज शाम देश में कई जगहों पर खंडग्रास चंद्र ग्रहण दिखाई दे सकता है. दिल्ली-एनसीआर सहित बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, चंडीगढ़, झारखंड, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, उड़ीसा, पुड्डुचेरी, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में लोग खंडग्रास चंद्र ग्रहण देख सकेंगे.

12.40 PM: गर्भवती, वृद्धजन, रोगी-बीमार बरतें ये सावधानियां
चंद्र ग्रहण का सूतक लागू न होने का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि गर्भवती महिलाएं, वृद्धजन या रोगी व्यक्ति बेवजह घर से बाहर निकल जाएं. सूतक से लेकर ग्रहण समाप्त होने तक किसी सुनसान जगह पर जाने से बचें. कोई जोखिमभरा कार्य न करें. समुद्र और अग्नि से दूर रहें.

12.28 PM: क्यों लाल दिखता है चंद्रमा?
नासा के मुताबिक, 3 मार्च यानी आज शाम चंद्र ग्रहण लगेगा. जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया से ढका होगा, तब वो गहरे लाल रंग का दिखाई देगा. इसे 'ब्लड मून' कहते हैं. चंद्रमा लाल रंग का इसलिए दिखाई देता है, क्योंकि सूर्य की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से होकर मुड़ जाती है. इस बार पूर्ण चंद्र ग्रहण का नजारा करीब 58 मिनट तक दिखाई देने वाला है. इसे टेलीस्कोप के बिना भी देखा जा सकता है.


12.20 PM: सूतक में इन 4 लोगों को छूट
सामान्य व्यक्ति के लिए चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक लागू हो जाता है. लेकिन इसमें 4 लोगों को विशेष छूट मिलती है. सूतक काल में गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और रोगियों को राहत दी गई है. ऐसे में ये लोग निसंकोच भोजन ग्रहण कर सकते हैं या दवा ले सकते हैं. 10 साल से कम उम्र के बच्चों पर भी 9 घंटे का सूतक लागू नहीं होता है. इन सभी लोगों का सूतक ग्रहण समापन से साढ़े तीन घंटे पहले शुरू होता है.


12.14 PM: सूतक और ग्रहण में इन मंत्रों का करें जाप

महामृत्युंजय मंत्र 
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्

गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्

चंद्र मंत्र
ॐ सोम सोमाय नमः

दिव्य मंत्र
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे

12.10 PM: सूतक काल में क्या करें?
चंद्र ग्रहण के सूतक काल में मंत्रों की स्तुति और भगवान का स्मरण करना शुभ होता है. इस दौरान गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, भगवान शिव या विष्णु जी के मंत्रों का जाप करें. सूतक समाप्त होने के बाद आप सामर्थ्य के अनुसार दान-दक्षिणा कर सकते हैं.

12.08 PM: सूतक काल में क्या न करें?
साल का पहले चंद्र ग्रहण का सूतक काल जारी है. सूतक काल में कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है. सूतक काल में खान-पान,  पूजा-पाठ और देवी-देवताओं की मूर्तियों का स्पर्श वर्जित है. इस घड़ी में शुभ-मांगलिक कार्य भी नहीं किए जाते हैं. अगर जरूरी न हो तो सूतक काल में घर से बाहर निकलने से परहेज करें. सब्जी काटना, छीलना या खाना पकाने से बचें. कोई जोखिम न उठाएं. बाहरी मेल-मिलाप न करें.

12.02 PM: कहां और कैसे देखें चंद्र ग्रहण?
आज शाम को चंद्रोदय होते ही भारत विभिन्न जगहों पर चंद्र ग्रहण का नजारा आसमान में दिखाई देने लगेगा. नासा का दावा है कि चंद्र ग्रहण को खुली आंखों से देख सकते हैं. इसके लिए टेलीस्कोप की जरूरत भी नहीं है. इसके अलावा, आप Timeanddate.com पर जाकर आप इस ग्रहण का लाइव स्ट्रीम देख सकेंगे.

Mathura में होली की तैयारियों के बीच पड़ रहे चंद्र ग्रहण का असर धार्मिक आयोजनों पर साफ दिखाई देगा। ग्रहण के कारण ब्रज के अधिकांश प्रमुख मंदिरों में होली उत्सव स्थगित रहेगा और मंदिर सुबह से बंद रहेंगे।

हालांकि, चतुर्वेदी समाज द्वारा निकाला जाने वाला पारंपरिक होली डोला, जो विश्राम… pic.twitter.com/G2Pk2uK6Im

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