राजस्थान विधानसभा में बजट पर बहस के दौरान सोमवार शाम बीजेपी विधायक बहादुर सिंह कोली ने बेटा और बेटी के बीच भेदभाव करने वाली आपत्तिजनक टिप्पणी की. वैर (Weir) से विधायक कोली ने कहा कि बीजेपी सरकार का बजट युवाओं के लिए था, इसलिए उन्होंने पहले, दूसरे और तीसरे बजट में 'लड़का' पैदा किया, जो हमेशा उपयोगी होता है. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का बजट बुढ़ापे का था, इसलिए 'लड़की' पैदा हुई और इसी कारण वे विपक्ष में बैठे हैं.
इस बयान के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कोई आपत्ति नहीं की और अन्य बीजेपी विधायक हंसते रहे. हालांकि, कांग्रेस विधायकों ने इस पर कड़ा विरोध जताया और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे बेटियों का अपमान और शर्मनाक सोच करार दिया है.
कोली ने बाद में अपने बयान का बचाव करते हुए इसे अपनी 'ब्रजभाषा' का हिस्सा बताया और इसे गलत मानने से इनकार कर दिया.
'लड़के' और 'लड़की' से बजट की तुलना
बहादुर सिंह कोली ने सदन में बोलते हुए कहा कि भजन लाल शर्मा की सरकार ने लगातार तीन बार बजट में 'बेटे' को जन्म दिया है. उन्होंने तर्क दिया कि जवानी में बेटा पैदा करने वाला हमेशा काम आता है. कोली के मुताबिक, कांग्रेस ने चुनाव से ठीक पहले जनता को बेवकूफ बनाने के लिए लोकलुभावन ऐलान किए थे, जो एक लड़की पैदा होने के समान था. उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि बेटा पैदा न होने की वजह से ही कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई है.
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विपक्ष का तीखा पलटवार
विधायक कोली जब यह विवादित तुलना कर रहे थे, तब उनके साथी बीजेपी विधायक टोकने के बजाय हंसते हुए दिखाई दिए. मंगलवार को इस मुद्दे पर विपक्ष ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि उन्हें ऐसी सोच पर शर्म आती है, जो आज के दौर में भी बेटे और बेटी के बीच भेदभाव करती है. जूली ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी खुद की दो बेटियां हैं और बीजेपी विधायकों का बेटियों के प्रति ऐसा नजरिया निंदनीय है.
'ब्रजभाषा' के नाम पर कोली का बचाव
जब विधानसभा से बाहर पत्रकारों ने बहादुर सिंह कोली से उनके बयान की संवेदनशीलता पर सवाल पूछा, तो उन्होंने माफी मांगने के बजाय इसे सही ठहराया. कोली ने कहा, "इसमें क्या गलत है? यह हमारी ब्रजभाषा है." उन्होंने फिर से दोहराया कि एक अच्छा बजट पेश किया गया है, यानी 'छोरा' (लड़का) पैदा हुआ है. उन्होंने चुनावी बजट को 'छोरी' (लड़की) बताकर उसे जनता को ठगने वाला करार दिया.
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बीजेपी से स्टैंड साफ करने की मांग
विपक्ष ने सत्ताधारी दल से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है. टीकाराम जूली ने कहा कि बजट जैसे गंभीर विषय पर इस तरह की लिंग आधारित उपमाओं की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी विधायक की यह टिप्पणी महिलाओं और बेटियों के प्रति उनकी वास्तविक मानसिकता को उजागर करती है. सदन के अंदर और बाहर इस बयान को लेकर तीखी बहस जारी है.