एसीबी की एसआईटी टीम ने मंगलवार सुबह जयपुर, दिल्ली, बाड़मेर, सीकर, बिहार, झारखंड और जालोर सहित कुल 15 जगहों पर 'जल जीवन मिशन' घोटाले के संबंध में छापेमारी की है. डीआईजी रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में यह सर्च ऑपरेशन रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल और करीब 15 अन्य आरोपियों के संभावित ठिकानों पर चलाया गया.
भ्रष्टाचार के इस मामले में एसीबी ने कार्रवाई करते हुए केडी गुप्ता, सुशील शर्मा और अरुण श्रीवास्तव समेत कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. सुबह से शुरू हुई इस छापेमारी का अहम मकसद घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य जुटाना है.
जल जीवन मिशन घोटाले में चल रहे एसीबी की कार्रवाई में पीएचडी के चीफ इंजीनियर दिनेश गोयल को उदयपुर के ताज होटल के सुईट से गिरफ्तार किया गया है. आरोपी पार्टी की तैयारी कर रहा था. एसीबी की टीम दिनेश गोयल को लेकर जयपुर के लिए रवाना हो चुकी है. मामले में पता लगाया जा रहा है कि किसने ताज अरावली के सुईट की बुकिंग करवाई थी.
रिटायर्ड IAS और 15 ठिकानों पर रेड
'जल जीवन मिशन' में हुए कथित भ्रष्टाचार की परतें खोलने के लिए एसीबी की टीम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी है. रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल के ठिकानों पर हुई छापेमारी को इस मामले की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. जांच टीम अलग-अलग राज्यों और शहरों में एक साथ सर्च कर रही है, जिससे आरोपियों को संभलने का मौका न मिले.
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हिरासत में बड़े आरोपी...
छापेमारी के दौरान एसीबी ने नौ से ज्यादा प्रमुख नामों को हिरासत में लिया है. इनमें केडी गुप्ता, निरिल कुमार, सुशील शर्मा, डीके गौड़, महेंद्र सोनी, विशाल सक्सेना, दिनेश गोयल, शुभांशु दीक्षित और अरुण श्रीवास्तव शामिल हैं. इन सभी से गोपनीय स्थानों पर पूछताछ की जा रही है. हिरासत में लिए गए इन लोगों की भूमिका घोटाले की कड़ियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
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DIG के नेतृत्व में सर्च ऑपरेशन
यह पूरी कार्रवाई डीआईजी रामेश्वर सिंह की सीधी निगरानी में हो रही है. एसीबी की टीमें उन सभी संदिग्ध ठिकानों को खंगाल रही हैं, जिनका संबंध 'जल जीवन मिशन' के टेंडरों या भुगतान प्रक्रियाओं से रहा है. अधिकारियों का मानना है कि इस बड़े सर्च ऑपरेशन के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं, जिससे घोटाले की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी.