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प्याज की फसल के बीच में अफीम की खेती... जयपुर में  363 पौधे बरामद, किसान गिरफ्तार

जयपुर के किशनपुरा गांव में पुलिस ने प्याज की फसल के बीच उगाई जा रही अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया. पुलिस ने खेत से 363 अफीम के पौधे बरामद कर उन्हें नष्ट कर दिया. इस मामले में खेत मालिक रामलाल शर्मा को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है.

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How to protect onion crop from pests
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस के नशा विरोधी अभियान के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया. यहां एक खेत में प्याज की फसल के बीच अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी. पुलिस ने  कार्रवाई करते हुए खेत से 363 अफीम के पौधे बरामद किए और आरोपी किसान को गिरफ्तार कर लिया.

बताया जा रहा है कि आरोपी ने अपनी करतूत को छिपाने के लिए बेहद चालाक तरीका अपनाया था. उसने अफीम के पौधों को इस तरह प्याज की फसल के बीच लगाया कि दूर से देखने पर खेत सामान्य फसल जैसा ही दिखाई दे. लेकिन पुलिस की सतर्कता और सूचना तंत्र की सक्रियता के चलते यह अवैध खेती ज्यादा समय तक छिपी नहीं रह सकी. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जयपुर के खोराबीसाल थाना क्षेत्र में आने वाले किशनपुरा गांव में अफीम की अवैध खेती होने की सूचना मिली थी. सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस ने तत्काल एक टीम गठित की और मामले की पुष्टि के लिए खेत की निगरानी शुरू कर दी. जांच में जब सूचना सही पाई गई तो पुलिस ने स्थानीय राजस्व अधिकारियों को साथ लेकर खेत में छापा मारा. खेत की जांच के दौरान पुलिस को प्याज की फसल के बीच बड़ी संख्या में अफीम के पौधे लगे मिले. इसके बाद पूरी कार्रवाई विधिक प्रक्रिया के तहत की गई.

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खेत में मिला अफीम का जाल

छापेमारी के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने खेत की बारीकी से जांच की. जांच में पाया गया कि प्याज की कतारों के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे. कई पौधे इतने सावधानी से लगाए गए थे कि पहली नजर में उन्हें पहचानना आसान नहीं था. जब पौधों की गिनती की गई तो कुल 363 अफीम के पौधे खेत में पाए गए. इन पौधों की ऊंचाई लगभग एक फीट से लेकर तीन फीट तक थी. पुलिस ने मौके पर ही सभी पौधों को उखाड़कर जब्त कर लिया. अधिकारियों के मुताबिक जब इन पौधों को इकट्ठा कर तौला गया तो उनका कुल वजन करीब 65.5 किलोग्राम निकला. इतनी बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे मिलने के बाद पुलिस ने इसे गंभीर मामला मानते हुए तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी.

पौधों पर लगे थे चीरे

जांच के दौरान पुलिस को एक और महत्वपूर्ण तथ्य मिला. कई अफीम के पौधों की फलियों पर चीरे लगाए गए थे. इन चीरे से सफेद रंग का दूध जैसा तरल पदार्थ बाहर निकलता पाया गया. विशेषज्ञों के अनुसार यही तरल पदार्थ आगे चलकर अफीम बनाने का मुख्य स्रोत होता है. इसका मतलब यह है कि आरोपी सिर्फ पौधे उगा ही नहीं रहा था, बल्कि उनसे अफीम निकालने की प्रक्रिया भी शुरू कर चुका था. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह संकेत देता है कि आरोपी इस अवैध खेती को लंबे समय से चला रहा था और जल्द ही इससे अफीम तैयार करने की योजना में था.

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आरोपी किसान गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में खेत के मालिक रामलाल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अफीम की खेती करने की बात स्वीकार की है, हालांकि पुलिस अभी उससे और भी कई पहलुओं पर पूछताछ कर रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले इस अवैध काम को अंजाम दे रहा था या फिर उसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ है. कई बार ऐसी खेती के पीछे नशीले पदार्थों के तस्करों का संगठित गिरोह भी सक्रिय रहता है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान अगर किसी और व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया है. यह कानून देश में नशीले पदार्थों की अवैध खेती, तस्करी और इस्तेमाल को रोकने के लिए बनाया गया है. इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को कड़ी सजा और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है. पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा. जयपुर पुलिस इन दिनों नशीले पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है. इस अभियान के तहत शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई बार लोग लालच में आकर अवैध खेती करने लगते हैं, लेकिन कानून ऐसे मामलों में बेहद सख्त है. इसलिए पुलिस ऐसे मामलों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं कर रही. अभियान के दौरान पुलिस न सिर्फ तस्करी के मामलों पर कार्रवाई कर रही है, बल्कि अवैध खेती को भी रोकने पर विशेष ध्यान दे रही है.

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ग्रामीण इलाके में मची चर्चा

इस घटना के सामने आने के बाद किशनपुरा गांव और आसपास के इलाकों में चर्चा का माहौल बन गया. गांव के कई लोगों को इस बात का अंदाजा तक नहीं था कि प्याज की साधारण दिखने वाली फसल के बीच अफीम के पौधे भी उगाए जा रहे थे. ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी ने यह काम काफी गोपनीय तरीके से किया था, इसलिए किसी को शक नहीं हुआ. हालांकि पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इलाके में लोग हैरान हैं.

पुलिस ने लोगों से की अपील

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी नशीले पदार्थों की तस्करी या अवैध खेती की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें. अधिकारियों का कहना है कि समाज के सहयोग से ही नशे के इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी.

जांच जारी

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है. आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि अफीम की इस खेती का मकसद क्या था और इसे आगे किस नेटवर्क तक पहुंचाया जाना था. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं.

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