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6 सेकंड में जमींदोज हो गया जर्जर मकान, लोग चीखे तो बाल- बाल बचे 4 मजदूर और एक बच्चा

राजस्थान के कोटा शहर में मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया, जब जर्जर तीन मंजिला मकान महज कुछ सेकेंड में भरभराकर गिर पड़ा. मकान के अंदर मजदूर और एक बच्चा मौजूद थे, लेकिन लोगों की सतर्कता से सभी की जान बच गई. हादसे के बाद इलाके में दहशत, बिजली संकट और प्रशासन के खिलाफ लोगों में भारी नाराजगी है.

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6 सेकंड में ढह गया जर्जर मकान (Photo: itg)
6 सेकंड में ढह गया जर्जर मकान (Photo: itg)

राजस्थान में कोटा के गुमानपुरा थाना क्षेत्र स्थित बल्लभबाड़ी के घोसी मोहल्ले में मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक जर्जर तीन मंजिला मकान महज 6 सेकेंड में भरभराकर ढह गया. हादसे के समय मकान के अंदर 4 मजदूर और एक बच्चा मौजूद थे, जो मरम्मत कार्य कर रहे थे. गनीमत रही कि आसपास के लोगों ने समय रहते शोर मचाकर सभी को बाहर निकलवा दिया, जिससे उनकी जान बच गई. मकान गिरने का पूरा घटनाक्रम इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुआ है. हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. मकान के गिरने से आसपास के दो मकानों को भी नुकसान पहुंचा, जबकि गली में खड़ी बाइक, स्कूटी और ठेले मलबे में दब गए.

जर्जर हालत, दीवारों में दरारें

स्थानीय लोगों के अनुसार, तीन मंजिला यह मकान काफी समय से जर्जर हालत में था. मकान की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी थीं और छज्जे भी झुक गए थे. मकान मालिक ने करीब 7-8 दिन पहले इसकी मरम्मत शुरू करवाई थी और मजदूर अंदर सपोर्ट लगाकर काम कर रहे थे. डीएसपी योगेश शर्मा ने बताया कि मकान अचानक झुकने लगा था. आसपास मौजूद लोगों ने खतरा भांपते हुए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू किया, जिसके बाद अंदर काम कर रहे मजदूर और बच्चा तुरंत बाहर निकल आए. कुछ ही सेकेंड बाद पूरी बिल्डिंग भरभराकर गिर गई.

पड़ोसी के बेड पर गिरी भारी पट्टियां

हादसे के दौरान पड़ोस के मकान में एक युवक कमरे में सो रहा था. अचानक लोगों के शोर मचाने पर वह बाहर निकला. जैसे ही वह कमरे से बाहर आया, उसके बेड पर मकान की भारी पट्टियां आकर गिर गईं. कुछ सेकेंड की देरी उसकी जान पर भारी पड़ सकती थी. घटना के बाद युवक और उसका परिवार दहशत में है.

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मलबे में दबे वाहन और सामान

मकान गिरने से गली में खड़ी दो बाइक, एक स्कूटी और तीन ठेले मलबे में दब गए. इसके अलावा मकान के अंदर रखा सारा घरेलू सामान भी मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया. पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया. एहतियात के तौर पर डॉग स्क्वायड टीम को भी मौके पर बुलाया गया.

24 घंटे बाद भी नहीं हटा मलबा, लोगों में गुस्सा

घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मलबा नहीं हटाया गया, जिससे कॉलोनीवासियों में भारी नाराजगी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के वक्त प्रशासन मौके पर पहुंचा, लेकिन उसके बाद किसी ने सुध नहीं ली. मलबे के कारण गलियां और रास्ते बंद पड़े हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है.

दो मकानों की बिजली बंद, परिवारों ने छोड़े घर

बिल्डिंग गिरने से आसपास के दो मकानों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है. दोनों घरों की बिजली सप्लाई पिछले 24 घंटे से बंद है. भीषण गर्मी के बीच परिवार रिश्तेदारों और पड़ोसियों के यहां शरण लेने को मजबूर हैं. पड़ोसी महिला संगीता मेहरा ने बताया कि उनके मकान में गहरी दरारें आ गई हैं और फॉल्स सीलिंग भी गिर गई है. हालात इतने खराब हैं कि कमरे को गिरने से बचाने के लिए बांस की बल्लियों का सहारा लेना पड़ा है. परिवार के लोग अब घर के अंदर सोने से डर रहे हैं.

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अंधेरे में मलबे से सामान निकाल रहे लोग

स्थानीय निवासी निम्मी ने बताया कि उनके मकान का बाहरी कमरा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. उनका भाई हादसे से कुछ देर पहले ही कमरे से बाहर निकला था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था. बिजली नहीं होने के कारण लोग अंधेरे में मलबे के बीच घुसकर अपना सामान निकालने को मजबूर हैं. ऐसे में दोबारा मलबा गिरने का खतरा भी बना हुआ है.

मालिकाना हक को लेकर भी विवाद

घटना के बाद इस मकान को लेकर मालिकाना हक का विवाद भी सामने आया है. बताया जा रहा है कि यह मकान पहले रेखा बाई किन्नर का था. उनकी मृत्यु के बाद उनकी गोद ली बेटी और शिष्यों के बीच मकान को लेकर विवाद चल रहा है. मनीषा बाई किन्नर ने आरोप लगाया कि मकान उनके गुरु रेखा बाई का था और इसे शिष्यों को सौंपा गया था, लेकिन एक महिला ने इस पर अवैध कब्जा कर लिया. प्रशासन की कार्रवाई से नाराज स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मलबा नहीं हटाया गया और बिजली बहाल नहीं हुई तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे. लोगों ने आगामी चुनाव में मतदान बहिष्कार तक की चेतावनी दी है.

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