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राजस्थान में रूह कंपाने वाला हादसा! थ्रेसर में घुसा युवक, शरीर के उड़ गए चिथड़े

राजस्थान के खैरथल तिजारा में एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां एक युवक थ्रेसर मशीन में चला गया. जिससे उसका शरीर कई टुकड़ों में कट गया. हादसे के बाद आसपास के लोग भी भयभीत हो गए और एक व्यक्ति की तबीयत खराब हो गई.

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हादसे से जान गंवाने वाले युवक के गमजदा परिवार. (Photo: Screengrab)
हादसे से जान गंवाने वाले युवक के गमजदा परिवार. (Photo: Screengrab)

राजस्थान के खैरथल तिजारा जिले में थ्रेसर मशीन से गेहूं निकालते समय दर्दनाक हादसा हो गया. जहां थ्रेसर मशीन सेट करते समय अचानक चल गई. जिससे युवक थ्रेसर मशीन के अंदर घुस गया. जिससे उसकी मौत हो गई. इस हादसे में युवक के शरीर के परखच्चे उड़ गए. हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोगों की रूह कांप गई. युवक की हालत देखकर वहां खड़े लोग भी बेहोश हो गए.

घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी. सूचना पर पहुंचे मृतक के परिजन और पुलिस ने खासी मशक्कत के बाद थ्रेसर मशीन में फंसे शव को बाहर निकाला. थ्रेसर मालिक के भाई लीलू ने बताया कि इसी सीजन में उक्त मशीन को मुकेश ने शरीफ (30) पुत्र इशाक खान निवासी मातोर के ताऊ के बेटे जमशेद से खरीदा था. गुरुवार शाम चकोलिया गांव में संदीप अहीर के खेत में थ्रेसर से गेहूं कि कटाई कर रहे थे, तो मशीन सही से नहीं चल रही थी.

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मशीन को सेट करने के लिए जमशेद को बुलाया था. वो अपने भाई शरीफ व साजिद के साथ मिलकर काम कर रहा था. इसी दौरान यह हादसा हो गया. थ्रेसर में फंसने से शरीफ का पूरा शरीर मशीन के अंदर चला गया और शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए. सिर से लेकर घुटनों तक का हिस्सा चिथड़ों में बदल गया. हादसे को देख मौजूद लोग घबरा गए. वहीं जमशेद की भी तबीयत खराब हो गई, जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया. परिजनों ने शव को निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली.

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शव के टुकड़े निकालने के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा थ्रेसर 

इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में थ्रेसर मशीन को ही अस्पताल लाया गया. जहां देर रात तक मशीन से शरीफ के टुकड़े निकालकर एकत्र किए गए. मृतक शरीफ सात भाई-बहनों में सबसे बड़ा था. परिवार में उससे छोटे दो भाई और चार बहनें हैं. वो शादीशुदा था और उसके तीन बच्चे हैं. जिनमें सबसे छोटा बेटा 5 वर्ष, बेटी 7 वर्ष और बड़ा बेटा 8 वर्ष का है. 

आपको बता दें कि थ्रेसर का रोटर प्रति मिनट करीब 500 से 700 बार घूमता है. ऐसे में हाथ या कपड़ा फंसते ही व्यक्ति को अंदर तक खींच लेता है. मशीन में इमरजेंसी ब्रेक की सुविधा नहीं होती और न्यूट्रल गियर भी तुरंत नहीं लगता. ऐसे में फसल निकालने के लिए मशीन को टॉप गियर में चलाना पड़ता है. दुर्घटना के समय ट्रैक्टर बंद करना ही एकमात्र उपाय होता है, लेकिन तब तक देर हो जाती है.

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