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खैरथल तिजारा में दिल दहला देने वाली वारदात, कलयुगी माता-पिता ने नवजात को 80 फुट गहरे कुएं में फेंका

खैरथल-तिजारा जिले के तिजारा क्षेत्र में एक नवजात बच्ची को 80 फुट गहरे सूखे कुएं में फेंक दिया गया. कुएं से रोने की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला. पुलिस ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. बच्ची के माता-पिता की तलाश की जा रही है.

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नवजात बच्ची को सूखे कुएं में फेंका. (Photo: Himanshu Sharma/ITG)
नवजात बच्ची को सूखे कुएं में फेंका. (Photo: Himanshu Sharma/ITG)

खैरथल-तिजारा जिले के तिजारा क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. पालपुर रोड पर 80 फुट गहरे सूखे कुएं में एक नवजात बच्ची को फेंक दिया गया. इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. स्थानीय लोगों की सूझबूझ और साहस से बच्ची की जान बचाई जा सकी. जानकारी के अनुसार, कुएं के पास से गुजर रहे राहगीरों को अचानक रोने की आवाज सुनाई दी. जब लोगों ने ध्यान दिया तो आवाज कुएं के अंदर से आ रही थी. लोगों ने झांककर देखा तो एक नवजात बच्ची कुएं के अंदर पड़ी हुई थी. इसके बाद तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी गई और मौके पर भीड़ जमा हो गई.

स्थानीय लोगों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू किया. रस्सियों और अन्य सामग्री की मदद से एक युवक को कुएं के अंदर उतारा गया. युवक ने सावधानी से बच्ची को उठाया और उसे तोलिए में लपेटकर अपने गले में बांधा.  इसके बाद उसे सुरक्षित ऊपर लाया गया. राहत की बात यह रही कि बच्ची पूरी तरह से जीवित और स्वस्थ थी.

रस्सियों की मदद से युवक ने बच्ची कुएं से बाहर निकाला

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को अपने कब्जे में लेकर तिजारा अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों की टीम बच्ची का इलाज कर रही है और उसके स्वास्थ्य की लगातार जांच की जा रही है. डॉक्टर यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बच्ची का जन्म कितने घंटे या दिन पहले हुआ था.

पुलिस के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है. थाना प्रभारी जयप्रकाश ने बताया कि बच्ची को कुएं में किसने फेंका और उसके माता-पिता कौन हैं, इसकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं. अभी तक किसी भी व्यक्ति की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. 

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कलयुगी माता-पिता की तलाश में जुटी पुलिस

प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को बेहतर इलाज के लिए अलवर रेफर कर दिया गया है. साथ ही बाल कल्याण से जुड़ी संस्थाओं को भी मामले की जानकारी दी जा रही है ताकि बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय पर आवाज नहीं सुनाई देती तो बड़ा हादसा हो सकता था. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा.

 

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