राजस्थान के अजमेर में जो कुछ हुआ, उसने पूरे शहर को कई घंटों तक थामे रखा. सड़कों पर भीड़, थाने के बाहर जमा लोग, पुलिस की समझाइश, आंसुओं और नारों के बीच जिद पर अड़ी एक लड़की यह सब किसी फिल्मी दृश्य जैसा लग रहा था, लेकिन यह हकीकत थी. मामला एक हिंदू लड़की का मुस्लिम लड़के से शादी की जिद से शुरू होकर पारिवारिक टकराव तक जा पहुंचा.
बाबूगढ़ इलाके की रहने वाली तान्या यादव (परिवर्तित नाम) की मुलाकात इंस्टाग्राम पर सुजानगढ़ नया बाजार चौक निवासी समीर दमामी से हुई थी. पहले सामान्य बातचीत, फिर रोज मुलाकात, और देखते ही देखते यह बातचीत रिश्ते में बदल गई. परिजनों के अनुसार दोनों पिछले कुछ समय से संपर्क में थे. कहानी का मोड़ तब आया जब 2 फरवरी को तान्या बिना किसी को बताए घर से चली गई. परिवार ने पहले अपने स्तर पर तलाश की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो चिंता गहराने लगी. कुछ ही घंटों में मामला गुमशुदगी से बढ़कर संवेदनशील बन गया.
प्रेम, धर्म और फैसला
परिवार का दावा है कि समीर ने तान्या को अपने साथ रहने के लिए राजी किया. वहीं स्थानीय सूत्रों के मुताबिक युवक ने युवती से विवाह की इच्छा जताते हुए धर्म परिवर्तन तक की बात कही थी. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इधर तान्या का कहना है कि वह अपनी मर्जी से समीर के साथ गई है और किसी के दबाव में नहीं है. उसने स्पष्ट शब्दों में कहा मैं मर जाऊंगी, मगर समीर के साथ ही रहूंगी.
घर पर मिली बेटी, भड़क उठा माहौल
परिजनों को सूचना मिली कि तान्या समीर के घर पर है. जब वे वहां पहुंचे तो दोनों साथ मिले. इसके बाद देखते ही देखते बड़ी संख्या में परिवारजन, स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के सदस्य वहां जुटने लगे. माहौल गर्म होने लगा. लड़की को समझाने की कोशिशें हुईं, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही. परिजनों का आरोप है कि उसे बहला-फुसलाकर साथ ले जाया गया. दूसरी ओर युवती का कहना है कि उसने अपनी इच्छा से यह कदम उठाया है. युवक समीर ने भी गंभीर आरोप लगाए कि लड़की के परिजनों ने उसके साथ मारपीट की. हालांकि पुलिस ने इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है और जांच जारी है.
45 हजार का ‘लिव-इन कार्ड’?
परिवार का कहना है कि दोनों ने करीब 45 हजार रुपए खर्च कर लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा एक कार्ड बनवाया है, जिसे कोर्ट प्रक्रिया से तैयार कराने का दावा किया जा रहा है. दस्तावेजों की वैधता को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों की जांच की जा रही है और कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा. घटनाक्रम के बीच सबसे भावुक और तनावपूर्ण क्षण तब आया जब युवती के पिता ने कथित तौर पर खुद पर केरोसिन डाल लिया और आग लगाने की कोशिश की. मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें रोक लिया. पिता का कहना था कि उनकी बेटी को गुमराह किया गया है और वे किसी भी कीमत पर उसे वापस घर लाना चाहते हैं. दूसरी ओर युवती बार-बार यही दोहराती रही कि वह बालिग है और अपने फैसले लेने का अधिकार रखती है.
सड़कों पर हंगामा, दुकानों में तोड़फोड़
मामला बढ़ता गया और भीड़ का गुस्सा कुछ जगहों पर फूट पड़ा. थाने के पास एक कचोरी की दुकान में तोड़फोड़ की गई. वहीं पास की एक शराब की दुकान में भी अज्ञात लोगों द्वारा नुकसान पहुंचाने की सूचना मिली. पुलिस ने तुरंत अतिरिक्त बल बुलाकर हालात संभालने की कोशिश की. कई घंटों तक अजमेर की सड़कों पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. गंज थाने के बाहर भी परिजन और कुछ संगठनों के लोग जमा रहे. युवती को समझाने का प्रयास चलता रहा, लेकिन वह अपने निर्णय पर कायम रही. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवती बालिग है, इसलिए उसके बयान और इच्छा को कानूनी रूप से महत्व दिया जाएगा.
फिलहाल दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई जा रही है. पुलिस दस्तावेजों की जांच, कथित मारपीट के आरोपों और तोड़फोड़ की घटनाओं की भी पड़ताल कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी को भी माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी.