जल जीवन मिशन से जुड़े कथित बहु-करोड़ रुपये के घोटाले में पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को अदालत ने तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने उनसे पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने केवल तीन दिन की ही अनुमति दी.
सुबोध अग्रवाल को गुरुवार को नई दिल्ली से एसीबी ने गिरफ्तार किया था. शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. अब उन्हें 13 अप्रैल को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा.
JJM घोटाले में एसीबी की बड़ी कार्रवाई
अदालत में पेशी से पहले मीडिया से बातचीत में सुबोध अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने सरेंडर नहीं किया है. उन्होंने दावा किया कि वह खुद अपनी इच्छा से जांच में सहयोग करने आए हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और सत्य की जीत होगी.
उनके बचाव पक्ष के वकील अमित सिंह ने बताया कि एसीबी ने पांच दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने तीन दिन की ही पुलिस कस्टडी दी है. इस दौरान जांच एजेंसी उनसे पूछताछ करेगी और मामले से जुड़े तथ्यों को सामने लाने की कोशिश करेगी.
इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि तीन आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं. एसीबी की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान कुछ कंपनियों ने फर्जी सर्टिफिकेट जमा किए थे.
अब तक 11 गिरफ्तार, तीन आरोपी अभी भी फरार
जांच में यह भी आरोप है कि संबंधित अधिकारियों को इस फर्जीवाड़े की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की. जिन कंपनियों का नाम सामने आया है, उनमें गणपति ट्यूबवेल्स और श्याम ट्यूबवेल्स शामिल हैं.
फिलहाल एसीबी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.