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किसान ने बेटी को दहेज में दिया ट्रैक्टर, बारातियों को बांटे हेलमेट, फिजूलखर्ची पर कही ये बात

नागौर जिले में एक किसान ने अपनी बेटी की शादी को सामाजिक संदेश का माध्यम बना दिया. किसान हनुमान राम माली ने बेटी को दहेज में ट्रैक्टर भेंट किया और बारात में आए मेहमानों को हेलमेट उपहार में दिए. दुपहिया वाहन से आने वालों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य रखा गया. इस पहल की पूरे इलाके में सराहना हो रही है.

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किसान ने बेटी की शादी में बांटे हेलमेट (Photo: Screengrab)
किसान ने बेटी की शादी में बांटे हेलमेट (Photo: Screengrab)

राजस्थान के नागौर जिले के रियां बड़ी क्षेत्र में एक किसान ने अपनी बेटी की शादी को सामाजिक संदेश देने का माध्यम बनाकर एक अनोखी मिसाल पेश की है. किसान हनुमान राम माली ने पारंपरिक दहेज देने के बजाय अपनी बेटी को ट्रैक्टर भेंट किया. उनका कहना है कि यह ट्रैक्टर बेटी के लिए खेती-किसानी के काम आएगा. इससे वह खेती के काम में सक्रिय भागीदारी निभा सकेगी और परिवार की आर्थिक मजबूती में भी योगदान दे पाएगी.

हनुमान राम माली का मानना है कि आज के समय में ज्यादातर घरों में बर्तन, फ्रिज, टीवी, कूलर जैसे घरेलू सामान पहले से मौजूद रहते हैं. ऐसे में शादी के मौके पर इन चीजों को देने के बजाय ऐसा उपहार देना बेहतर है जो जीवन में काम आए. इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी बेटी को ट्रैक्टर देने का फैसला किया. उनका मानना है कि इससे बेटी और उसके परिवार को लंबे समय तक फायदा मिलेगा.

बारातियों के लिए रखी खास शर्त

शादी समारोह में किसान ने एक और खास पहल की. उन्होंने बारात में आने वाले मेहमानों के लिए एक शर्त रखी. जो भी शख्स दुपहिया वाहन से बारात में आएगा, उसे हेलमेट पहनकर आना अनिवार्य होगा. इस शर्त का पालन करने वाले सभी बारातियों को समारोह में हेलमेट उपहार के रूप में दिए गए. बताया जा रहा है कि इस दौरान करीब 111 हेलमेट बांटे गए.

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सड़क सुरक्षा का दिया संदेश

समारोह के दौरान हनुमान राम माली ने लोगों से अपील की कि दुपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें. उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौत सिर्फ हेलमेट न पहनने की वजह से होती है. उनका मानना है कि शादी जैसे बड़े आयोजनों के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सकता है.

इलाके में हो रही सराहना

हनुमान राम माली की इस पहल की पूरे रियां बड़ी क्षेत्र में चर्चा हो रही है. स्थानीय लोग इसे एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बता रहे हैं. लोगों का कहना है कि अगर शादियों में फिजूलखर्ची कम करके उपयोगी चीजों और सामाजिक संदेशों को महत्व दिया जाए तो समाज में अच्छी परंपराओं को बढ़ावा मिलेगा.

प्रेरणा बनी किसान की सोच

यह शादी सिर्फ एक पारिवारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि सामाजिक जागरूकता का उदाहरण बन गई है. हनुमान राम माली की पहल यह संदेश देती है कि शादी जैसे अवसरों को समाजहित और जिम्मेदारी के साथ भी जोड़ा जा सकता है.

उनकी यह सोच अब अन्य किसानों और परिवारों के लिए प्रेरणा बन रही है. रियां बड़ी क्षेत्र में यह शादी कई दिनों तक चर्चा का विषय बनी रही और लोगों को नई सोच अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है.
 

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