राजस्थान के दौसा जिले में छह साल पुराने एक सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. बांदीकुई थाना क्षेत्र के उनबड़ागांव में 16 अप्रैल 2020 को चार वर्षीय प्रिंस उर्फ टिल्लू लापता हो गया था. परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन वर्षों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला.
अब इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चे की हत्या उसी दिन उसके चचेरे भाई-बहनों ने कर दी थी. बताया जा रहा है कि परिजनों और आरोपियों के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसके चलते मासूम को निशाना बनाया गया. लोग इस मामले को दृश्यम फिल्म जैसा बता रहे हैं.
एक्सप्रेसवे के नीचे दफनाया गया था मासूम का शव
आरोप है कि हत्या के बाद शव को दो दिन तक घर में छिपाकर रखा गया और फिर रात के समय दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास दफना दिया गया. उस समय एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य चल रहा था और मिट्टी डाली जा रही थी. इसी का फायदा उठाकर शव को मिट्टी में दबा दिया गया. बाद में एक्सप्रेसवे तैयार हो गया.
GPR मशीन से हो रही स्कैनिंग, 9 दिन से जारी खुदाई
घटना का खुलासा होने के बाद पिछले नौ दिनों से पुलिस एक्सप्रेसवे के आसपास खुदाई कर रही है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की मदद से ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) मशीन मंगाई गई है, जिससे जमीन के अंदर की 3D स्कैनिंग की जा रही है. संभावित स्थान की पहचान के बाद खुदाई की जा रही है, लेकिन अब तक शव बरामद नहीं हुआ है.
हैरानी की बात यह है कि पिछले छह साल से आरोपी भाई-बहन परिवार के साथ घुलमिलकर रह रहे थे और बच्चे की तलाश में भी साथ जाते थे, ताकि किसी को शक न हो.
परिजन कर रहे फांसी की मांग, आरोपी भाई-बहन गिरफ्तार
मामले के खुलासे के बाद परिजनों में आक्रोश है. वो आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं. पुलिस का कहना है कि जल्द ही शव बरामद करने और मामले को कानूनी अंजाम तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.
दृश्यम एक सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म है, जिसमें एक आम आदमी अपने परिवार को बचाने के लिए चतुराई से कानून और पुलिस को गुमराह करता है. कहानी में दिमागी खेल, सबूतों की चालाकी और पारिवारिक सुरक्षा के लिए रची गई साजिश दिखाई गई है.