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पत्नी ने पहले काटा, फिर कार में जलाए शव! पति, सास और सौतन समेत 4 को उतारा मौत के घाट

राजस्थान के अजमेर जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद के चलते महिला ने अपने दो बच्चों संग पति, सास, पति की दूसरी पत्नी और रिश्तेदार की हत्या कर दी. आरोपियों ने चारों शव कार में डालकर आग लगा दी ताकि सबूत मिटाए जा सकें. पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना और वैज्ञानिक जांच के आधार पर चंद घंटों में मामले का खुलासा कर आरोपियों को हिरासत में ले लिया.

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अजमेर में रिश्तों का कत्लेआम!(Photo: Chandra Shekhar Sharma/ITG)
अजमेर में रिश्तों का कत्लेआम!(Photo: Chandra Shekhar Sharma/ITG)

राजस्थान के अजमेर जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र स्थित श्रीरामपुरा गांव में पारिवारिक विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया. यहां एक महिला ने अपने दो बच्चों के साथ मिलकर अपने ही पति, सास, सौतन (पति की दूसरी पत्नी) और एक अन्य रिश्तेदार की बेरहमी से हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए चारों शवों को कार में डालकर आग लगा दी. पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का चंद घंटों में खुलासा कर दिया.

अजमेर एसपी हर्षवर्धन ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि श्रीरामपुरा गांव में घर से करीब 500 मीटर दूर मुख्य सड़क पर एक कार जल रही है, जिसमें चार शव मौजूद हैं. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई. मृतकों की पहचान पूर्व सरपंच के परिवार के सदस्य रामसिंह चौधरी, उनकी माता पूसी देवी, रामसिंह की दूसरी पत्नी सुरज्ञान और उनकी बुआ की बेटी महिमा के रूप में हुई.

यह भी पढ़ें: अजमेर कोर्ट का फैसला, पति-पत्नी की नाक काटने वालों को सुनाई 3 साल की सजा

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक रामसिंह का अपनी पहली पत्नी सुनीता के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था. दोनों एक ही घर में रहते थे और आए दिन कहासुनी होती रहती थी. बुधवार देर शाम भी परिवार के भीतर विवाद हुआ था, जिसके बाद घटना ने हिंसक रूप ले लिया.

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धारदार हथियारों से की गई चारों की हत्या

पुलिस जांच के अनुसार, सुनीता ने अपनी बेटी सरिता और एक नाबालिग बेटे के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया. आरोप है कि तीनों ने धारदार हथियारों से हमला कर रामसिंह, उनकी मां, दूसरी पत्नी और रिश्तेदार महिमा की हत्या कर दी. हत्या के बाद पूरे घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

घटना को हादसा दिखाने के लिए आरोपियों ने शवों को घर से दूर ले जाकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई. चारों शवों को रामसिंह की कार में रखा गया और घर से कुछ दूरी पर ले जाकर कार में आग लगा दी गई. आरोपियों की कोशिश थी कि हत्या को हादसा या आगजनी की घटना साबित किया जा सके.

अजमेर

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की अलग-अलग टीमों को जांच में लगाया गया. एफएसएल और एमओबी टीमों ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और पूरे घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई.

ग्रामीणों की सूचना से खुली हत्या की परतें

एसपी हर्षवर्धन ने बताया कि मामले के खुलासे में स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही. गांव के लोगों से मिली छोटी-छोटी जानकारियों को जोड़ते हुए पुलिस ने जांच की कड़ियां मजबूत कीं और आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की.

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पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुनीता, उसकी बेटी सरिता और नाबालिग बेटे को हिरासत में ले लिया है. तीनों से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है. पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है.

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