22 अप्रैल की सुबह आईआरएस अफसर के घर उनकी 22 साल की बेटी की आबरू लूटने और फिर उसका कत्ल करने के बाद 19 साल के राहुल ने गुरुग्राम में रहने वाले अपने चचेरे भाई को जो पहला फोन किया था, तब यही कहा था. राहुल को पता था कि उसने जो कुछ किया है, इसके बाद वो ज्यादा देर तक पुलिस ने बच नहीं पाएगा. गिरफ्तारी के बाद जब दिल्ली पुलिस ने राहुल से पहला सवाल पूछा कि क्या उसने आईआरएस अफसर की बेटी का रेप और मर्डर किया है, तो राहुल का जवाब था- 'अगर दीदी ने पैसे दे दिए होते तो ये नहीं होता.' --ग्राफ इन 'अगर दीदी ने पैसे दे दिए होते तो ये नहीं होता.'