अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि बैठक से 24 घंटे पहले तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचेगा या नहीं. ईरान कई मुद्दों पर नाराज बताया जा रहा है, खासकर लेबनान में इजरायल के लगातार हमलों को लेकर, जो सीजफायर के बावजूद जारी हैं और हालिया हमले में 300 से अधिक लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य पर टोल लगाने की ईरान की शर्त और परमाणु समझौते पर कड़ा रुख भी बातचीत में बड़ी बाधा बन रहे हैं, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इस पर सख्त नाराजगी जता चुके हैं.