टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि आरक्षण तुरंत लागू किया जा सकता है, इसके लिए परिसीमन जरूरी नहीं है. बनर्जी ने भाजपा पर अपनी पार्टी में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व न देने का आरोप लगाया और 2027 यूपी चुनाव में 50% महिला उम्मीदवार उतारने की चुनौती भी दी.
इस वक्त लोकसभा में जोरदार बहस चल रही है. संसद के स्पेशल सेशन में सरकार ने महिला आरक्षण बिल लागू करने के लिए 3 बिल लाए हैं. इनमें संविधान संशोधन बिल भी है. जिसके लिए दो तिहाई बहुमत चाहिए. सरकार आम सहमति से बिल पास करना चाहती है. लेकिन विपक्ष महिला आरक्षण को परिसीमन बिल से जोड़ने पर नाराज है. विपक्ष ने परिसीमन बिल के विरोध का फैसला किया है. लोकसभा में बिल पेश करने का भी विरोध हुआ. तो नौबत वोटिंग तक आई और बहस के पक्ष में फैसला हुआ. पक्ष में 251 वोट पड़े और विपक्ष 185 वोट पड़े.
अमेरिका के साथ युद्ध में ईरान को चीन से जासूसी मदद का खुलासा हुआ है. ब्रिटिश अखबार का दावा है कि मध्य-पूर्व में अमेरिकी ठिकानों का पता लगाने में चीन ने ईरान की मदद की. अखबार के मुताबिक, चीनी सैटेलाइट से ईरान को अमेरिकी ठिकाने की हर तस्वीर मिलती रही. ईरान ने 2024 में गुपचुप तरीके से एक चीनी जासूसी सैटेलाइट हासिल किया था. ये सैटेलाइट मौजूदा युद्ध में ईरान के लिए आंखें बन गईं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया. इस दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. पहले 6 घंटे लगने वाला सफर अब घटकर सिर्फ ढाई घंटे में पूरा होगा, 213 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर से दिल्ली से देहरादून का सफर अब तेज और आसान होगा. देखें न्यूजरूम.
ईरान और अमेरिका में तनातनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. युद्धविराम पर बातचीत नाकाम रहने के बाद हालात बहुत ज्यादा गंभीर हो गए हैं. अब इस महायुद्ध के मैदान में होर्मुज एक एपिक सेंटर बन गया है. ट्रंप ने इसे लेकर धमकी दी है कि ईरान भी अपना छोड़ने को कतई तैयार नहीं हो रहा, तो अमेरिका धमकी पर पलटवार भी कर रहा है. ईरानी आर्मी ने ट्ंप की धमकी लेकर कहा है कि कोई भी प्रतिबंध समुद्री डकैती जैसा होगा. हालात यह है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर संकट और ज्यादा बढ़ गया है.
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि बैठक से 24 घंटे पहले तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचेगा या नहीं. ईरान कई मुद्दों पर नाराज बताया जा रहा है, खासकर लेबनान में इजरायल के लगातार हमलों को लेकर, जो सीजफायर के बावजूद जारी हैं और हालिया हमले में 300 से अधिक लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य पर टोल लगाने की ईरान की शर्त और परमाणु समझौते पर कड़ा रुख भी बातचीत में बड़ी बाधा बन रहे हैं, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इस पर सख्त नाराजगी जता चुके हैं.
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच लेबनान में संघर्ष तेज हो गया है, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच हुआ युद्धविराम भी खतरे में पड़ गया है. लेबनान में दस में मिनट में 100 से ज्यादा धमाके हुए हैं. इजरायल ने साफ किया है कि यह सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होता और उसने हिज़्बुल्लाह ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले जारी रखे हैं, जिनमें भारी जनहानि हुई है. वहीं ईरान ने इन हमलों को सीजफायर का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है. पाकिस्तान की मध्यस्थता से शुरू हुई शांति वार्ता भी इस विवाद के चलते उलझती नजर आ रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में बड़े संघर्ष का खतरा बढ़ गया है.
40वें महायुद्ध में सीजफायर का ऐलान हो गया है. 15 दिन अब बम-बारूद थम गया और अब बातें होंगी. अड़चनें दूर की जाएंगी. लेकिन ये कैसे होगा कोई नहीं जानता. ईरान ने 10 Points वाले प्रस्ताव दिए हैं. तो अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वो अपने 15 प्रस्ताव के साथ आगे बढ़ेंगे.
न्यूजरूम में आज आपको बताएंगे कि डोनाल्ड ट्रंप की वॉर फाइल में कौन-कौन से टारगेट हैं. साथ ही ये भी बताएंगे कि अमेरिका और इजरायल की पूरी टारगेट लिस्ट क्या है. आपको युद्धविराम वाली डील में जारी पेच का भी जिक्र करेंगे. और साथ ही ईरान के बदले का प्लान भी आपको बताएंगे.
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए 48 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है. ट्रंप ने साफ कहा है कि यदि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरी तरह नहीं खोला, तो अमेरिका बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में ईरान के पावर प्लांट्स, तेल ठिकानों और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा, जिससे देश के अंदरूनी कनेक्शन भी प्रभावित हो सकते हैं. इससे पहले भी ट्रंप ईरान को ‘स्टोन एज’ में पहुंचाने जैसी सख्त बातें कह चुके हैं, और अब यह 48 घंटे का अल्टीमेटम पूरे संकट का सबसे अहम मोड़ माना जा रहा है.
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अब एक नया सैन्य विवाद सामने आया है, जिसमें C-130 हरकुलस विमान और ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टरों के नुकसान को लेकर अमेरिका और ईरान आमने-सामने हैं. ईरान ने दावा किया है कि इस्फहान क्षेत्र में एक अमेरिकी रेस्क्यू मिशन के दौरान उसने दो ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर और एक C-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को मार गिराया.अमेरिकी मीडिया का दावा है कि ये विमान ईरान की गोलीबारी से नहीं गिरे बल्कि खुद इन्हें नष्ट किया. बताया जा रहा है कि जब अमेरिकी कमांडो टीम अपने लापता पायलट को बचाने के लिए ऑपरेशन चला रही थी, तब दो ट्रांसपोर्ट विमान एक दूरदराज के बेस पर फंस गए. ऐसे में कमांडरों ने फैसला लिया कि इन्हें दुश्मन के हाथ लगने देने से बेहतर है कि खुद ही उड़ा दिया जाए.
ईरान और इजरायल में जारी तनाव के बीच एक बार फिर मिसाइल हमला हुआ है, जिसमें इजरायल के पेटाह टिकवा इलाके को निशाना बनाया गया. जानकारी के मुताबिक, ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिससे इलाके में जोरदार धमाका हुआ और एक इमारत को भारी नुकसान पहुंचा. हमले के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें धमाके के बाद उठता धुआं और तबाही के दृश्य देखे जा सकते हैं.