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मैं भाग्य हूं: क्रोध है सर्वनाश का कारण

मैं भाग्य हूं, हर रोज मैं आपको बताता हूं कि आप ही अपने भाग्य के निर्माता हैं, आप खुद ही अपने कर्मों द्वारा अपने भाग्य को अपने लिए सकारात्मक या नकारात्मक बनाते हैं. भाग्य की परिस्थितियों और आपके जीवन की नियति के बारे में मैं रोज आपको कई बातें बताता हूं.

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