दुनिया में य़ुद्ध संकट का काला धुआं जिससे इस हफ्ते लगातार प्रधानमंत्री पूरे देश को सतर्क करता आए. उस संकट से निकली महंगाई की सीरीज चलने लगी है. 1 मई को कमर्शिलयल सिलेंडर महंगा हुआ. 13 मई को सोना महंगा हुआ. 14 मई को दूध के दाम बढ़ गए. आज 15 मई को पेट्रोल तीन रुपए बढ़ गया डीजल भी तीन तीन रुपए महंगा हो चुका है. इन सबके बीच गुरुवार को थोक महंगाई दर 42 महीने में सबसे ज्यादा हो चुकी है. अब सबका सवाल है कि महंगाई की इस संकट सीरीज में अगला नंबर क्या होगा?