स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद ने लगातार उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कड़ी आलोचना की है. उन्होंने योगी को हिंदू मानने से इंकार कर दिया है जबकि योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ कालनेमि साधु सनातन धर्म को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं. यह विवाद राजनीतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील है, जिसमें दो बड़े धड़ों के आपस में मतभेद साफ नजर आते हैं. इस मामले ने समाज में व्यापक चर्चा छेड़ी है और धर्म तथा राजनीति के संबधों को नए सिरे से उजागर किया है.