आज उत्तर प्रदेश की सियासत में शोर नहीं, संकेत है, नारे नहीं बल्कि नई लकीर खींची गईं हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक चिट्ठी आज सिर्फ औपचारिक संदेश नहीं बल्कि 2027 यूपी चुनाव की राजनीति का पहला साफ फ्रेम बनती दिख रही है. पीएम मोदी ने यूपी दिवस पर सीएम योगी के नाम एक चिट्ठी लिखी. इस चिट्ठी में प्रधानमंत्री यूपी के विकास और विरासत की बात करते हैं, कानून व्यवस्था को यूपी की पहचान बताते हैं. एक्सप्रेस वे, एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर को यूपी की ताकत बताते हैं और साफ कहते हैं कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू नहीं, बेमिसाल है. लखनऊ में कल गृहमंत्री अमित शाह ने भी इसी सुर में सुर मिलाया था और बीजेपी की हैट्रिक जीत का दावा किया था. तो एक तरफ बीजेपी है जो रिकॉर्ड की बात करती है तो दूसरी तरह समाजवादी पार्टी, बीएसपी और कांग्रेस है जिसके अबतक चेहरे और रोडमैप दोनों साफ नहीं है. यूपी विधानसभा चुनाव अभी दूर है लेकिन इस चिट्ठी ने साफ कर दिया कि बीजेपी किस चेहरे के साथ और किस एजेंडे के साथ मैदान में उतरने जा रही है. अब सवाल विपक्ष से है- क्या वो पीएम मोदी के सियासी संकेत को पढ़ पा रही है? हालांकि विपक्ष के सवाल हैं कि अगर यूपी में विकास तेज रफ्तार से दौड़ रही है तो युवा आज भी रोजगार की तलाश में क्यों हैं?