ओडिशा के नयागढ़ जिले में 14 वर्षीय एक किशोर को जंगल में पत्थरों की दरार में फंस जाने के बाद दमकल कर्मियों ने छह घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में सुरक्षित बाहर निकाल लिया. अधिकारियों के अनुसार, किशोर की पहचान शिवा प्रधान के रूप में हुई है. यह घटना बुधवार सुबह की है और पूरे इलाके में इसे लेकर चिंता का माहौल बन गया था.
शिवा प्रधान सुबह करीब 7 बजे अपने चाचा के साथ ओडगांव थाना क्षेत्र के कनीपाड़ा जंगल में शहद इकट्ठा करने गया था. शहद निकालने की कोशिश के दौरान वह एक बड़े पत्थर की दरार में फंस गया और बाहर नहीं निकल सका. सूचना मिलते ही फायर सर्विस को खबर दी गई और तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया.
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रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक किशोर काफी देर से पत्थरों के बीच फंसा हुआ था, जिससे ऑपरेशन बेहद संवेदनशील बन गया था. अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त टीमों को भी मौके पर बुलाया गया.
रेस्क्यू ऑपरेशन में अजगर की मौजूदगी से बढ़ी चुनौती
ओडिशा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के महानिदेशक सुधांशु सारंगी ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान पत्थरों की दरार में एक अजगर भी मौजूद पाया गया. इससे ऑपरेशन और अधिक जोखिम भरा हो गया. हालांकि राहत की बात यह रही कि अजगर ने किशोर पर हमला नहीं किया.
उन्होंने कहा कि बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि किशोर बड़े पत्थरों से घिरा हुआ था और आसपास सांप की मौजूदगी भी थी. टीम ने आधुनिक उपकरणों की मदद से सावधानीपूर्वक पत्थरों को एक तरफ से हटाया और किशोर तक पहुंच बनाई.
बचाव अभियान में ओडगांव फायर स्टेशन के अलावा नयागढ़, पुरी और भुवनेश्वर की टीमों ने भी हिस्सा लिया. सभी टीमों ने समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ाया.
छह घंटे बाद सुरक्षित निकाला गया किशोर
करीब छह घंटे तक चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दमकल कर्मियों ने सफलतापूर्वक किशोर को बाहर निकाल लिया. बाहर निकालते ही उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया.
अधिकारियों के अनुसार, किशोर पूरी तरह सुरक्षित है और उसे किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई है. नयागढ़ के एक फायर सर्विस अधिकारी ने बताया कि पहाड़ी जंगल क्षेत्र में इस तरह का यह पहला बचाव अभियान था, जिसे तकनीकी सहायता से सफल बनाया गया.
सरकार ने किया सम्मानित करने का ऐलान
डीजी सुधांशु सारंगी ने इस सफल अभियान में शामिल करीब 40 दमकल कर्मियों की सराहना की. उन्होंने घोषणा की कि सरकार सभी कर्मियों को कुल 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार देगी.
अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान टीमवर्क और तकनीकी दक्षता का बेहतरीन उदाहरण है, जिसने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया.