मध्यप्रदेश के श्योपुर में बाढ़ राहत घोटाले की मुख्य आरोपी महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर गुरुवार को आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच गई हैं. लेकिन पुलिस की गिरफ्त में उनकी हेकड़ी कम नहीं हुई. पुलिस की मौजूदगी में वह पत्रकारों को ही आड़े हाथों लेने लगी. हैरत की बात तो यह है कि पुलिस भी महिला तहसीलदार की दबंगई के आगे ज्यादा कुछ कर पाने की स्थिति में नजर नहीं आई.
'चल हट यहां से, एक मिनट में...'
दरअसल, कराहल थाने पर पुलिस गिरफ्त में तहसीलदार मुंह छिपाते हुए पुलिस के साथ जा रही थीं. इस दौरान फोटो वीडियो बनाने पहुंचे पत्रकारों पर वह बुरी तरह भड़कीं. उन्होंने कहा- चल हट यहां से, पूरी पत्रकारिता निकाल दूंगी एक मिनट में. इस वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है. लोग महिला तहसीलदार के दबंगदारी को जमकर कोस रहे है.
बाढ़ राहत घोटाले में प्राइम सस्पेक्ट हैं अमिता
बताते चलें कि बड़ौदा में बाढ़ राहत घोटाले में 25 पटवारियों समेत महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर प्राइम सस्पेक्ट हैं. उन्हें हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिका खारिज होने के बाद ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया गया है और श्योपुर कोर्ट न्यायालय में पेश कर शिवपुरी महिला जेल में भेज दिया गया है.
अमिता ने केबीसी में जीते थे 50 लाख
ये वही अमिता सिंह तोमर साल 2011 में केबीसी के पांचवें सीजन में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं. पिछले वर्षों में सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट और कमेंट डालकर प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताने और संविधान से जुड़ी एक पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट करने पर अमिता तोमर निलंबित भी हो चुकी हैं. इतना ही नहीं, अमिता अपने बार-बार तबादलों लेकर पीएम मोदी को पत्र भी लिख चुकी हैं. उन्होंने साल 2023 में तहसील का प्रभार नहीं मिलने से खफा होकर इस्तीफे के पत्र भी लिखा था.