मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के लिए बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-39 (NH-39) के सीधी-सिंगरौली खंड के शेष 105 किमी के निर्माण का अवॉर्ड जारी कर दिया है. इस परियोजना के अप्रैल 2026 से धरातल पर उतरने की उम्मीद है.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि इस मार्ग को आधुनिक वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है. परियोजना के तहत केवल सड़क ही नहीं, बल्कि भारी बुनियादी ढांचे का जाल बिछाया जाएगा:-
अंडरपास
स्थानीय लोगों और वाहनों के सुगम आवागमन के लिए 11 व्हीकुलर अंडरपास (VUP)
1 पैदल अंडरपास (PUP).
ड्रेनेज और ड्रेनेज सिस्टम:
85 बॉक्स कलवर्ट
165 पाइप कलवर्ट के साथ सड़क किनारे आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा.
UP से बढ़ेगी नजदीकियां
यह सिर्फ एक जिला मार्ग नहीं है, बल्कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच व्यापारिक सेतु बनेगा. इस हाईवे के तैयार होने से मध्य प्रदेश के इन क्षेत्रों का उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, मिर्जापुर, रॉबर्ट्सगंज और वाराणसी जैसे शहरों से सीधा और तेज संपर्क स्थापित होगा.
पुरानी समस्याओं का अंत
वर्तमान में सीधी और सिंगरौली के बीच संकरी सड़कें और अपर्याप्त पुल यात्रियों के लिए सिरदर्द बने हुए थे. NHAI द्वारा तैयार नए प्लान में जंक्शन सुधार और सर्विस रोड जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं, जिससे भारी वाहनों और ट्रकों की आवाजाही व्यवस्थित होगी. सिंगरौली, जो देश का ऊर्जा हब है, वहां के लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन को इससे जबरदस्त गति मिलेगी.
रीवा-सीधी फोर लेन की भी तैयारी
विंध्य की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए रीवा से सीधी के बीच भी फोर लेन हाईवे की योजना अंतिम चरण में है. इसका अवॉर्ड जल्द ही होने वाला है और मानसून के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है. इसके अलावा, देवतालाब-नईगढ़ी मार्ग बनने से रीवा की प्रयागराज से कनेक्टिविटी और भी सुगम हो जाएगी.