मध्य प्रदेश के दतिया जिले में भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद हालात बेकाबू हो गए. भाजपा ने शुक्रवार को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया, जिसके बाद नाराज समर्थकों ने नेशनल हाईवे 44 पर करीब 12 घंटे तक जाम लगा दिया.
तीन हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें दतिया एसपी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस को भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. वहीं डबरा में नरोत्तम मिश्रा के घर के बाहर भी दिनभर समर्थकों की भीड़ जुटी रही और वे मांग करते रहे कि चुनाव सिर्फ नरोत्तम मिश्रा ही लड़ें.
भाजपा ने जैसे ही आशुतोष तिवारी को टिकट देने का ऐलान किया, नरोत्तम मिश्रा के समर्थक भड़क उठे. पार्टी सूत्रों के मुताबिक मिश्रा को उम्मीद थी कि टिकट उन्हें ही मिलेगा और उन्होंने नामांकन फॉर्म भी खरीद लिया था. टिकट कटने की खबर से नाराज कार्यकर्ताओं ने दतिया शहर में बाजार बंद कराने की कोशिश की और हाईवे पर धरना देकर रास्ता रोक दिया.
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समर्थकों का कहना है कि भाजपा ने जिस उम्मीदवार को टिकट दिया है, उसे क्षेत्र के अधिकांश लोग जानते तक नहीं हैं. उनका दावा है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा की संगठन और जनता के बीच मजबूत पकड़ है और ऐसे समय में उनका टिकट काटना पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. समर्थकों ने टिकट बदलने की भी मांग की है.
कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वे नहीं माने और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
एसपी मयूर खंडेलवाल ने बताया कि छह से ज्यादा पुलिसकर्मी पथराव में घायल हुए हैं और कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. भीड़ ने पुलिस समेत कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया, हालांकि बाद में हाईवे को खाली करा लिया गया.
इस विरोध के बीच भाजपा के जिला अध्यक्ष सहित कई पार्षदों ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया. एक समर्थक बलराम ने बताया कि कई कार्यकर्ताओं ने कपड़े उतारकर सड़क पर लेटकर विरोध जताया, जबकि दूसरे समर्थकों ने कहा कि जब तक 'नरोत्तम दादा' को टिकट नहीं मिलता, वे पीछे नहीं हटेंगे और पार्टी तक छोड़ सकते हैं.
उधर नए उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने नरोत्तम मिश्रा को अपना अभिभावक बताते हुए कहा कि मिश्रा उनके लिए प्रचार करेंगे. इस बीच डबरा में मिश्रा के घर के बाहर सुबह से ही सियासी चौपाल जारी रही और खबर है कि वे खुद देर रात दिल्ली रवाना हो गए, जिससे कयास और तेज हो गए हैं.
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गौरतलब है कि दतिया सीट 2023 में कांग्रेस के राजेंद्र भार्ती ने तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को साढ़े सात हजार से ज्यादा वोटों से हराया था. लेकिन इस साल अप्रैल में दिल्ली की एक अदालत ने भार्ती को धोखाधड़ी के एक मामले में तीन साल की सजा सुनाई, जिसके बाद उनकी विधायकी रद्द हो गई और यह सीट खाली हो गई, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई.
चुनाव आयोग ने हाल ही में देश की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान किया है, जिनमें दतिया के अलावा बिहार और गुजरात की सीटें शामिल हैं. इन सभी सीटों पर 30 जुलाई को वोटिंग होगी और नतीजे 3 अगस्त को आएंगे.