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सलमान खुर्शीद और सीनियर वकीलों की जिरह... धार भोजशाला मामले में मुस्लिम पक्ष ने रखा अपना पक्ष, हाईकोर्ट में सुनवाई

इंदौर के चर्चित धार भोजशाला मामले में आज हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में एक अहम सुनवाई हुई. अदालत ने दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली तारीख 6 अप्रैल तय की है. इस कानूनी लड़ाई में ASI की सर्वे रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों पर अब विस्तार से विचार किया जाएगा.

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इंदौर हाईकोर्ट में पेश होंगे फोटो-वीडियो साक्ष्य.(File Photo:ITG)
इंदौर हाईकोर्ट में पेश होंगे फोटो-वीडियो साक्ष्य.(File Photo:ITG)

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद विवाद को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में गहमागहमी भरी सुनवाई हुई. सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद और गौरीशंकर जैन ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं. करीब आधे घंटे चली इस सुनवाई के बाद अदालत ने मामले को 6 अप्रैल तक के लिए टाल दिया है.

सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील अशर वारसी ने धार में चल रहे एक अन्य सिविल सूट का हवाला दिया और मांग की कि पहले उस मामले की सुनवाई पूरी की जाए.

वहीं, हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता श्रीश दुबे ने पैरवी की. हिंदू पक्ष का तर्क है कि एएसआई के वैज्ञानिक सर्वेक्षण से यह साफ हो गया है कि वर्तमान ढांचा प्राचीन मंदिर के अवशेषों पर बना है.

सुप्रीम कोर्ट का रुख
हाल ही में मुस्लिम पक्ष ने सर्वे की वीडियोग्राफी और कुछ तकनीकी आपत्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सीधे हस्तक्षेप से इनकार करते हुए सभी बिंदुओं पर सुनवाई के लिए याचिकाकर्ताओं को वापस इंदौर हाईकोर्ट भेज दिया था. मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार, अब सभी तकनीकी साक्ष्यों पर हाईकोर्ट में ही विचार होगा.

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ASI की 98 दिनों की मेहनत

बता दें कि धार स्थित भोजशाला को लेकर चल रहा विवाद एक प्राचीन मंदिर और मस्जिद के दावों से जुड़ा है. हिंदू पक्ष इसे वाग्देवी सरस्वती मंदिर, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला की दरगाह मानता है.

हाईकोर्ट के आदेश पर आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) ने भोजशाला परिसर में 98 दिनों तक वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया था.

यह भी पढ़ें: मंदिर तोड़कर बनी मस्जिद? भोजशाला विवाद में ASI की रिपोर्ट से भूचाल, मिले 'ॐ नमः शिवाय' वाले श‍िलालेख

इस सर्वे की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि वहां पुराने मंदिरों के अवशेष मौजूद हैं. अब आगामी सुनवाई में कोर्ट इन रिपोर्टों, फोटो और वीडियो साक्ष्यों का मिलान करेगा.

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