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शानदार ऑफिस, 210 से ज्यादा युवक-युवतियां: लोगों को अट्रैक्ट करने पर मिलता था हाई इंसेंटिव, फिर करते थे फ्रॉड

मध्य प्रदेश के इंदौर में शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर निवेशकों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. आईटी कंपनी की आड़ में चल रही इस फर्जी एडवाइजरी फर्म पर पुलिस ने छापा मारकर भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं. इसी के साथ तीन लोगों को हिरासत में लिया है.

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आईटी कंपनी की आड़ में चल रही थी फर्जी एडवाइजरी कंपनी. (Photo: Screengrab)
आईटी कंपनी की आड़ में चल रही थी फर्जी एडवाइजरी कंपनी. (Photo: Screengrab)

इंदौर शहर में निवेशकों को शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है. यह गिरोह एक आईटी कंपनी की आड़ में फर्जी एडवाइजरी फर्म चला रहा था और देशभर के लोगों को निशाना बना रहा था. जांच में सामने आया कि कंपनी में 200 से अधिक कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था, जिन्हें सॉफ्टवेयर और स्क्रिप्ट के जरिए लोगों को निवेश के लिए आकर्षित करने का काम दिया जाता था.

जानकारी के अनुसार, इन कर्मचारियों को टारगेट पूरा करने पर मोटा इंसेंटिव भी दिया जाता था. इस मामले में थाना तुकोगंज पुलिस ने अन्य थानों की टीम के साथ कार्रवाई करते हुए बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स के सामने स्थित इंफिनिक्स इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के ऑफिस पर छापा मारा. छापेमारी के दौरान ऑफिस में अफरा-तफरी मच गई, जहां बड़ी संख्या में युवक-युवतियां काम करते पाए गए.

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पुलिस के मुताबिक, कंपनी के कई संचालक मिलकर इस पूरे रैकेट को संचालित कर रहे थे. आरोपियों में मनीष पांडे, अनिमेष चौहान, संदीप त्यागी, अनुराग सैंडलानी और नेहा जैन के नाम सामने आए हैं, जिनके खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

यह भी पढ़ें: कंपनी के HR मैनेजर से 36 लाख रुपये की ठगी, साइबर ठगों ने निवेश के नाम पर बनाया शिकार

शिकायतकर्ता नीतीश भगत ने बताया कि उसे शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर कॉल किया गया था. जब उसने जानकारी न होने की बात कही, तो उसे एक महिला के जरिए भरोसे में लिया गया. इसके बाद उसे एक मोबाइल ऐप और सॉफ्टवेयर के माध्यम से फर्जी तरीके से मुनाफा दिखाया गया.

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धीरे-धीरे उसे ज्यादा निवेश के लिए उकसाया गया और टर्मिनल खरीदने के नाम पर उससे करीब 4 लाख 80 हजार रुपये ठग लिए गए. जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की, तो उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 23 CPU, 14 लैपटॉप, DVR, मॉनिटर, 66 मोबाइल फोन, 28 सिम कार्ड, चेकबुक सहित बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं. इनका इस्तेमाल देशभर के लोगों को कॉल और मैसेज के जरिए फंसाने में किया जा रहा था.

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थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव के अनुसार, यह गिरोह केवल इंदौर ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के निवेशकों को भी निशाना बना रहा था. शुरुआती जांच में ठगी की रकम लाखों में सामने आई है, लेकिन आशंका है कि यह आंकड़ा करोड़ों तक पहुंच सकता है.

फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. साथ ही जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर और भी अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है. पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें.

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