मध्य प्रदेश के धार जिले में भोजशाला-कमाल मौला परिसर को लेकर आए हाई कोर्ट के फैसले के बाद सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य कर दी गई है. गुरुवार शाम को जिले के पुलिस कप्तान IPS सचिन शर्मा ने मीडिया के सामने जो कड़ा रुख अख्तियार किया, उसकी चर्चा पूरे प्रदेश में है. उन्होंने साफ लहजे में उन लोगों को चेतावनी दी है जो अदालत के फैसले को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं या सोशल मीडिया पर अफवाह फैला रहे हैं.
SP सचिन शर्मा ने बेहद सख्त अंदाज में कहा, "सोशल मीडिया या मीडिया के माध्यम से जो लोग माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय का गलत इंटरप्रिटेशन (अनुवाद) कर रहे हैं, मैं उन्हें आखिरी बार समझाइश देने आया हूं. गुरुवार शाम तक का समय उनका था, लेकिन अब सिर्फ कानून का पालन होगा.
जिसकी हिम्मत है या जिसे लगता है कि वह कानून चुनौती दे सकता है, वह कल (शुक्रवार) प्रयास कर ले. हम पूरी तरह तैयार हैं और वह मानकर चले कि उसके ऊपर वह कार्रवाई होगी जो उसने अब तक सोची भी नहीं होगी." देखें VIDEO:-
गुरुवार को निकाला फ्लैग मार्च
शुक्रवार को देखते हुए प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत सड़कों पर झोंक दी है. गुरुवार शाम को कलेक्टर राजीव रंजन मीना और एसपी सचिन शर्मा के नेतृत्व में धार शहर में एक विशाल फ्लैग मार्च निकाला गया.
इस फ्लैग मार्च की खास बात यह थी कि पुलिस बल के हाथों में तिरंगा था और डीजे पर भाईचारे के गीत बज रहे थे. यह एक नई पहल थी जिसमें शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ शांति का संदेश भी दिया गया. देखें VIDEO:-
सुरक्षा बलों की टुकड़ियां
फ्लैग मार्च में आरएएफ (RAF), एसटीएफ (STF), एसएफ (SF), अश्वरोही बल और जिला पुलिस बल शामिल रहा. सुरक्षा बेड़े में वज्र और योद्धा जैसे घातक वाहन भी सड़कों पर नजर आए. लाउडस्पीकर के माध्यम से अधिकारियों ने लोगों से शांति और सौहार्द के साथ आगामी त्योहार मनाने की अपील की.
भोजशाला में 'अखंड पूजा'
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोजशाला को वाग्देवी मंदिर मानने के फैसले के बाद भोज उत्सव समिति ने शुक्रवार को सामूहिक 'अखंड पूजा' का आह्वान किया है. समिति का दावा है कि 721 वर्षों के बाद यह पहला ऐसा मौका होगा.
प्रशासन की किलेबंदी
पूरे परिसर और संवेदनशील इलाकों में 1500+ पुलिसकर्मी तैनात है. हर गतिविधि पर आसमान से ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जा रही है. साथ ही प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अदालत के आदेश का अक्षरशः पालन होगा. नमाज की अनुमति रद्द होने के बाद कोई भी नई परंपरा या कानून विरोधी कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.