मध्य प्रदेश के दतिया जिले में अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने 72 घंटे में सुलझा लिया. मामला चिरुला थाना क्षेत्र के फुलरा ग्राम के पास काला पहाड़ मौजा का है, जहां एक अज्ञात शख्स की गला रेत कर हत्या की गई लाश मिली थी. शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो सकी. गांव और आसपास के लोगों ने शव को पहचानने से इंकार कर दिया. पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि मृतक कौन है और उसकी हत्या किसने और क्यों की.
चिरुला थाना प्रभारी नितिन भार्गव ने सीमावर्ती जिलों की पुलिस से संपर्क किया. जांच में मृतक की पहचान ग्वालियर के अर्रोली गांव निवासी कल्याण राणा के रूप में हुई. पुलिस जांच में सामने आया कि कल्याण की पत्नी हेमलता को पहले पति की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली थी और वह छात्रावास अधीक्षक के पद पर कार्यरत थी.
हत्या की गुत्थी पुलिस ने 72 घंटे में सुलझाई
साल वर्ष 2015 में उसने अपने से छह साल छोटे कल्याण राणा से शादी की थी. शादी के बाद कल्याण शराब पीकर घर आता और पत्नी से मारपीट करता था तथा पैसे मांगता था. इसी दौरान हेमलता की नजदीकियां पड़ोसी अमित सूरी से बढ़ गईं. पति से परेशान होकर हेमलता ने अमित के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच ली.
योजना के तहत हेमलता ने अपने पति को डबरा में बागेश्वर धाम के महंत धीरेन्द्र शास्त्री की कथा सुनने का बहाना बनाया और अमित के साथ कार से रवाना हुई. रास्ते में दोनों ने मिलकर कल्याण का गला दबा दिया. जब उन्हें शक हुआ कि वह जिंदा हो सकता है, तो कटर से उसकी गर्दन रेत दी. इसके बाद शव को दतिया के फुलरा ग्राम रोड पर फेंक कर फरार हो गए.
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने दतिया से ग्वालियर तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और हत्या में इस्तेमाल वाहन के आधार पर आरोपियों तक पहुंची. एडीएसपी सुनील शिवहरे ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हेमलता और अमित को गिरफ्तार कर लिया गया है.