मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को राज्य में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए अपने कैबिनेट के सभी सदस्यों को टैबलेट बांटे. इस कदम का मकसद सिस्टम को पेपरलेस बनाना और समय बचाना है. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को टैबलेट दिए गए.
CM यादव ने कहा कि कैबिनेट बैठकों से जुड़ी पूरी जानकारी इन टैबलेट के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी.
कैबिनेट सदस्यों को संबोधित करते हुए यादव ने कहा, "मध्य प्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस पहल में ई-कैबिनेट पहल भी शामिल है. ई-कैबिनेट एप्लिकेशन के संबंध में संबंधित लोगों को ज़रूरी ट्रेनिंग दी जा रही है."
यादव ने कहा, "यह एप्लिकेशन एक आधुनिक, पेपरलेस, सुरक्षित और गोपनीय सिस्टम है जिसे मंत्री परिषद अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी, कहीं भी एक्सेस कर सकती है. ई-कैबिनेट एप्लिकेशन मुख्य रूप से कैबिनेट एजेंडा देखने और पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों की कंप्लायंस रिपोर्ट की समीक्षा करने में मदद करेगा."
CM ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि कैबिनेट सदस्य पारदर्शिता और समय बचाने के लिए इस नए सिस्टम का पूरा इस्तेमाल करेंगे. शुरुआत में, कैबिनेट बैठक का एजेंडा फिजिकल और डिजिटल दोनों फॉर्मेट में भेजा जाएगा और बाद में, इसे पूरी तरह से डिजिटल रूप से भेजा जाएगा.
उन्होंने कहा कि इस पेपरलेस सिस्टम - ई-कैबिनेट एप्लिकेशन - की शुरुआत से फिजिकल फोल्डर बांटने, कागज और समय की बचत होगी.
राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि 1960 से लिए गए कैबिनेट फैसलों को डिजिटाइज किया गया है. पिछले दो सालों के कैबिनेट फैसलों को एक क्लिक से देखा जा सकता है.
एक अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट बैठक के आखिर में, एक प्रेजेंटेशन के जरिए मंत्रियों को टैबलेट के इस्तेमाल के मकसद, उनकी पूरी उपयोगिता और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में बेसिक जानकारी दी गई. बता दें कि मध्य प्रदेश में कुल 31 मंत्री हैं.