scorecardresearch
 

साहित्य अकादेमी के वार्षिक 'साहित्योत्सव 2022' में शिरकत कर रहे 225 लेखक और विद्वान

साहित्य अकादेमी द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला साहित्योत्सव इस वर्ष 10 मार्च से 15 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है.

X
साहित्य अकादेमी पुरस्कार विजेता और साहित्योत्सव का आमंत्रण साहित्य अकादेमी पुरस्कार विजेता और साहित्योत्सव का आमंत्रण

नई दिल्लीः साहित्य अकादेमी द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला साहित्योत्सव इस वर्ष 10 मार्च से 15 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है. साहित्योत्सव में देश के कोने-कोने से विभिन्न भारतीय भाषाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 225 लेखक और विद्वान विविध कार्यक्रमों में भागीदारी करेंगे. 
भारत की आज़ादी के 75 वर्ष होने पर इस वर्ष का साहित्योत्सव 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' पर केंद्रित रहेगा. उत्सव का आरंभ अकादेमी की वर्षभर की गतिविधियों को प्रदर्शित करने वाली अकादेमी प्रदर्शनी से होगा, जिसका उद्घाटन संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पूर्वाह्न 10.00 बजे नई दिल्ली के रवींद्र भवन परिसर में करेंगे.
इसी दिन 'युवा भारत का उदय' शीर्षक से अखिल भारतीय युवा लेखक सम्मिलन भी पूर्वाह्न 10.30 बजे प्रारंभ होगा, जिसका उद्घाटन वक्तव्य साहित्य अकादेमी के सामान्य परिषद सदस्य, येशे दरजे थोंगछी देंगे. अकादेमी द्वारा मान्यता प्राप्त 24 भारतीय भाषाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले 26 युवा लेखक इस कार्यक्रम में भाग लेंगे. प्रख्यात विद्वान श्रीराम परिहार, पारमिता शतपथी, मृत्युंजय सिंह तथा सुरेश ऋतुपर्ण इस सम्मिलन के विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता करेंगे.
इसी दिन अपराह्न 2.30 बजे भारतीय भाषाओं में प्रकाशन की स्थिति विषय पर परिचर्चा आयोजित की जाएगी, जिसके विशिष्ट अतिथि प्रख्यात मराठी लेखक रंगनाथ पठारे होंगे. विभिन्न भारतीय भाषाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले 6 प्रख्यात प्रकाशक तथा लेखक चंदना दत्ता, दर्शन दर्शी, हेमंत दिवटे, प्रभात कुमार, रमेश कुमार मित्तल तथा याकूब इस पैनल चर्चा में भाग लेंगे. उर्दू के प्रख्यात कवि शीन काफ निज़ाम पैनल चर्चा का संचालन करेंगे.
साहित्य अकादेमी के प्रतिष्ठित पुरस्कार भी इसी आयोजन के दौरान वितरित किए जाएंगे. साथ ही प्रख्यात लेखक शशि थरूर संवत्सर व्याख्यान देंगे. 
इस बार अकादेमी की पुस्तक प्रदर्शनी सुबह 10 बजे से सायं 7 बजे तक प्रतिदिन होगी और पुस्तकें बिक्री के लिए 20 प्रतिशत की विशेष छूट पर उपलब्ध होंगी. सभी कार्यक्रम 35, फ़ीरोज़शाह मार्ग स्थित रवींद्र भवन परिसर में आयोजित होंगे.
याद रहे कि 30 दिसंबर को साहित्य अकादेमी ने अपने प्रतिष्ठित वार्षिक साहित्य अकादेमी पुरस्कार, युवा पुरस्कार एवं बाल साहित्य पुरस्कार 2021 की घोषणा की थी. मुख्य पुरस्कार 20 भारतीय भाषाओं, युवा पुरस्कार 22 भारतीय भाषाओं तथा बाल साहित्य पुरस्कार भी 22 भारतीय भाषाओं
के लिए दिए जाने की घोषणा की गई थी. साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2021 के लिए घोषित पुरस्कारों में सात कविता-संग्रह, पांच कहानी-संग्रह, दो उपन्यास, दो नाटक, एक जीवन-चरित्र, एक आत्मकथा, एक महाकाव्य तथा एक आलोचना की पुस्तकें शामिल थी. हिंदी के लिए दया प्रकाश सिन्हा को उनके नाटक 'सम्राट अशोक', अंग्रेज़ी के लिए नमिता गोखले को उनके उपन्यास 'थिंग्स टू लीव बिहाइंड' पर तथा पंजाबी के लिए खालिद हुसैन को उनके कहानी संग्रह 'सूलाँ दा सालण' पर देने की घोषणा की गई. गुजराती, मैथिली, मणिपुरी और उर्दू भाषाओं के पुरस्कार बाद में घोषित किए गए. अन्य भाषाओं में कविता-संग्रहों के लिए पुरस्कृत लेखक थे मोदाय गाहाय (बोडो), संजीव वेरेंकार (कोंकणी), हृषिकेश मल्लिक (ओड़िया), मीठेश निर्मोही (राजस्थानी), विन्ध्येश्वरीप्रसाद मिश्र 'विनय' (संस्कृत), अर्जुन चावला (सिंधी), गोराति वेंकन्ना (तेलुगु). इसी तरह कहानी-संग्रह के लिए पुरस्कृत लेखक थे राज राही (डोगरी), किरण गुरव (मराठी), निरंजन हांसदा (संताली), अम्बई (तमिल). उपन्यास के लिए अनुराधा शर्मा पुजारी (असमिया) को पुरस्कृत किया गया. नाटक के लिए ब्रत्य बासु (बाङ्ला), जीवन-चरित्र के लिए डी.एस. नागभूषण (कन्नड), महाकाव्य के लिए छविलाल उपाध्याय (नेपाली), आत्मकथा के लिए जॉर्ज ओनाक्कूर (मलयालम) तथा आलोचना के लिए वली मोहम्मद असीर किश्तवारी (कश्मीरी) को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की गई.
उसी दौरान साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार 2021 के लिए 22 भारतीय भाषाओं में पुरस्कार घोषित किए गए. हिंदी के लिए हिमांशु वाजपेयी को उनके कहानी-संग्रह 'क़िस्सा क़िस्सा लखनउवा' लखनऊ के अवामी क़िस्से पर, अंग्रेज़ी के लिए मेघा मजुमदार को उनके उपन्यास 'ए बर्निंग' पर, उर्दू के लिए उमर फरहत को उनके काव्य संग्रह 'ज़मीन ज़ाद' पर तथा पंजाबी के लिए वीर देविंदर सिंह को उनके निबंध संग्रह 'पा दे पैलां' पर पुरस्कृत किया जाएगा. तमिऴ में पुरस्कार बाद में घोषित किए गए तथा इस वर्ष राजस्थानी में पुरस्कार घोषित नहीं किया गया.
साहित्य अकादेमी बाल साहित्य पुरस्कार 2021 के लिए 22 भारतीय भाषाओं में पुरस्कार घोषित किए गए. हिंदी के लिए देवेंद्र मेवाड़ी को उनके
नाटक-संग्रह नाटक-नाटक में विज्ञान पर, अंग्रेज़ी में अनीता वच्छरजनी को उनकी जीवनी पुस्तक 'अमृता शेर-गिलः रिबेल विद ए पेंटब्रुश' पर, उर्दू के
लिए कौसर सिद्दिकी को उनके कविता-संग्रह 'चराग़ फूलों के' पर पुरस्कृत किया गया. गुजराती और पंजाबी भाषा मे इस साल पुरस्कार नहीं दिए जा रहे हैं.
पुरस्कारों की अनुशंसा इन भारतीय भाषाओं के निर्णायक समितियों द्वारा की गई थी. साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कम्बार की अध्यक्षता
में आयोजित अकादेमी के कार्यकारी मंडल की बैठक में इन्हें अनुमोदित किया गया था. इन पुस्तकों को संबंधित भाषा के त्रिसदस्यीय निर्णायक मंडल ने
निर्धारित चयन प्रक्रिया का पालन करते हुए पुरस्कार के लिए चुना. 
नियमानुसार कार्यकारी मंडल ने निर्णायकों के बहुमत अथवा सर्वसम्मति के आधार पर चयनित पुस्तकों के लिए पुरस्कारों की घोषणा की है. पुरस्कार 1
जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2019 के दौरान पहली बार प्रकाशित पुस्तकों पर दिया गया है.मुख्य पुरस्कार विजेता को पुरस्कार स्वरूप एक उत्कीर्ण ताम्रफलक, शॉल और एक लाख रूपए की राशि साहित्योत्सव समारोह में दी जाएगी.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें