scorecardresearch
 

Rape रोकने के लिए MIT की मनीषा मोहन ने बनाया सेंसर

Massachusetts Institute of Technology (MIT) की भारतीय मूल की वैज्ञानिक मनीषा मोहन ने स्टीकर की तरह दिखने वाला एक सेंसर विकसित किया है, जो रेप जैसी घटनाओं को रोकेगा और आसपास के लोगों और उनके दोस्तों व परिवार को अलर्ट भेजेगा.

Advertisement
X
मनीषा मोहन
मनीषा मोहन

Massachusetts Institute of Technology (MIT) की भारतीय मूल की वैज्ञानिक मनीषा मोहन ने स्टीकर की तरह दिखने वाला एक सेंसर विकसित किया है, जो रेप जैसी घटनाओं को रोकेगा और आसपास के लोगों और उनके दोस्तों व परिवार को अलर्ट भेजेगा.

यह सेंसर किसी भी कपड़े पर स्टीकर की तरह लगाया जा सकता है. इस सेंसर को इस तरह तैयार किया गया है कि वह जबरन शरीर से कपड़े हटाने की गतिविधि को भाप जाता है और उसके अनुसार काम करता है. MIT की मनीषा ने यह जानकारी PTI को दी.

पीड़िता अगर लड़ने की स्थ‍िति में नहीं है या किसी कारण से वो चल नहीं सकती या छोटी बच्ची है तो ऐसी स्थ‍िति में यह सेंसर उसके परिवार और दोस्तों तक एलर्ट भेज सकता है.

इसमें लगा ब्लूटुथ स्मार्टफोन ऐप से जुड़ा होता है. विपरीत परिस्थ‍ितियों में यह तेज आवाज कर आसपास के लोगों को अलर्ट भेजता है.

Advertisement

यह सेंसर दो मोड्स में काम करता है. पैसिव मोड में यह मैनुअली काम करता है. यानी किसी खतरे का अंदेशा होने पर लड़की इसका बटन दबाकर आसपास के लोगों को अलर्ट करती है. बटन दबाते ही तेज अलार्म बजने लगेगा या दोस्तों को कॉल भी लग जाती है.

वहीं, एक्ट‍िव मोड में यह सेंसर बाहरी सिग्नल्स के जरिये खतरे का अंदाजा लगाता है.

उदाहरण के तौर पर अगर कोई पीड़िता के शरीर से कपड़े उतारने की कोशिश कर रहा है तो यह सेंसर उसके स्मार्टफोन पर एक संदेश भेजता है, जिससे सेंसर यह सुनिश्चत करेगा कि लड़की चेतना अवस्था में है या नहीं. भेजे गए इस संदेश का रिप्लाई 30 सेकेंड के अंदर ना आने पर आसपास के लोगों को अलर्ट करने के लिए फोन तेज आवाज करने लगता है.

अगर लड़की इस अलार्म को 20 सेकेंड के अंदर बंद नहीं करती है, तो ऐप यह मान लेता है कि लड़की मुसीबत में है और वह उसके परिवार और दोस्तों के पास डिस्ट्रेस सिग्नल भेजना शुरू कर देता है, जिसमें पीड़िता कहां है, उसका पता भी होता है.

मोहन ने कहा कि चेन्नई में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हुए जो अनुभव उन्हें हुए, उसके बाद ही उसे यह ख्याल आया.

Advertisement

मोहन ने कहा कि लड़कियों को घर में कैद रखने से अच्छा है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान किया जाए. नये ऐप के जरिये न केवल महिलाओं को, बल्क‍ि बच्चों को, स्कूल जाने वाली छात्राओं, शारीरिक रूप से विकलांग आदि को भी रेप से बचाया जा सकता है.

मोहन ने कहा कि हमें बॉडी गार्ड की जरूरत नहीं है. मुझे लगता है कि हमारे पास खुद की सुरक्षा करने की क्षमता होनी चाहिए.

 

Advertisement
Advertisement