सुबह भारी-भरकम बैग के साथ स्कूल जाते हुए बच्चों को तो आपने देखा ही होगा. आजकल के पैरेंट्स बच्चे को एजुकेट करने के चक्कर में इतने गंभीर हो गए हैं कि उन्हें उसके स्वास्थ्य की जरा भी चिंता नहीं है. क्या आप जानते हैं कि स्कूल का भारी बैग ढोते-ढोते आपके बच्चे कीतने बीमार पड़ रहे हैं.
सीनियर स्पाइन स्पेशलिस्ट गरिमा आनंदानी बताती हैं कि स्कूल का भारी बैग उठाने की वजह से बच्चों का वजन काफी तेजी से गिरता है. उन्होंने बताया कि स्कूल का भारी बैग उठाने की वजह से बच्चों का वजन 10 प्रतिशत तक कम होता है, जिसका बुरा असर उनकी स्पाइन यानी रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है.
गरिमा आनंदानी कहती हैं कि भारी बैग होने की वजह से बच्चों को कई स्वास्थ्य संबंधित शिकायतें रहती हैं. इसमें कंधे और गर्दन में दर्द के अलावा कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं. साथ ही बच्चों में स्ट्रेस बढ़ने लगता है. ज्यादा लंबे समय तक भारी बैग उठाने की वजह से रीढ़ की हड्डी मुड़ने लगती है और कमर झुक जाती है.
क्या है समस्या का हल-
एक रिसर्च में पाया गया है कि छोट बच्चों के भारी बैग का वजन एक से दस किलोग्राम तक हो सकता है. इसकी वजह से करीब 42 प्रतिशत बच्चे कम्फर्ट फील नहीं करते और उनकी सेहत में धीरे-धीरे गिरावट आने लगती है. यदि आप इस परेशानी से बच्चों को मुक्त कराना चाहते हैं तो संबंधित विषयों को ध्यान में रखकर ही उनका बैग तैयार करें. इसके अलावा उन्हें कम्फर्टेबल डुअल स्ट्रेप्स बैग दिलवाएं.