हर नव-विवाहित जोड़े की तरह अरुनाचलम मुरुगनांथम भी अपनी पत्नी को खुश देखना चाहते थे. बीवी को रिझाने के लिए वो जो कुछ बन पड़ता था, सब करते थे. पर एक दिन सबकुछ बदल गया. उन्हें शायद खुद भी पता नहीं रहा होगा कि बीवी के लिए उनकी चिंता ही उन दोनों के बीच झगड़े की वजह बन जाएगी.
माहवारी के दौरान एक दिन उनकी पत्नी एक पुराने कपड़े को पैड की तरह इस्तेमाल करने जा रही थीं. मुरुगनांथम को ये अच्छा नहीं लगा और उन्होंने बीवी की इस परेशानी को अपने ऊपर ले लिया. उन्होंने उस पुराने सेनेटरी पैड का विकल्प तैयार करने का फैसला कर लिया.
पीरियड्स के बारे में और सेनेटरी पैड्स के बारे में उन्हें भी उतनी ही जानकारी थी जितनी किसी एक सामान्य पुरुष को होती है. पर उन्होंने फैसला तो कर ही लिया था. उन्होंने ये तय कर लिया था कि वो एक ऐसा सेनेटरी पैड बनाएंगे जो बाजार में बिकने वाले दूसरे ब्रांडेड सेनेटरी पैड से सस्ता हो और सबसे जरूरी, सुरक्षित हो.
पर कुछ सोच लेना उतना मुश्किल नहीं है जितना उसे करके दिखाना. अपनी इस कोशिश में वो कई बार असफल हुए. कुछ कामयाबी भी मिली लेकिन...अपने सपने को सच करने में उन्हें करीब साढ़े चार का समय लगा.
इस दौरान सबसे बुरा ये हुआ कि उनकी पत्नी, जिसे वो सबसे ज्यादा प्यार करते थे, इस प्रोजक्ट के सिलसिले में मुरुगनांथम तरह-तरह के सवाल करते थे, लोगों से इसका समाधान पूछते थे जोकि काफी असहज था. उनकी पत्नी को ये सामान्य नहीं लगा और वो उन्हें छोड़कर चली गईं. मुरुगनांथम के जीवन की उम्मीद, जिसके लिए उन्होंने ये सपना तय किया था वो उनसे दूर जा चुका था.
उनकी पत्नी ने सोचा था कि उनकी जुदाई में शायद मुरुगनांथम ये काम छोड़ दें और पहले की तरह हो जाएं. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. मुरुगनांथम अपने लक्ष्य को पाने के लिए कोशिश करते रहे. उन्होंने एक पुरुष की तरह नहीं बल्कि एक महिला की तरह इस प्रक्रिया को समझने की कोशिश की.खुद सेनेटरी पैड पहनने और समाधान तलाशते रहे.
ये जानने का प्रयास किया कि महिलाओं को उस पड़ता है और उनकी जरूरत क्या है. उन्होंने इस खोज को सटीक बनाने के लिए कई सर्वे किए. सैकड़ों महिलाओं से इस बारे में बात की. अंत में एक दिन ऐसा आया जब उन्होंने वाकई वो कर दिखाया जो उन्होंने सोच रखा था.
आज वो न केवल वर्ल्ड क्लास सेनेटरी पैड बना रहे हैं बल्कि ये पैड, बाजार में बिकने वाले सेनेटरी पैड से कहीं ज्यादा सस्ते भी हैं. उनके इस काम से जुड़कर कई लोगों को रोजगार भी मिला है.
जब उनकी पत्नी को उनकी इस कहानी के बारे पता चला तो उन्हें एहसास हुआ कि वो कितनी गलत थीं. पांच साल बाद उन्होंने अपनी पति को संपर्क किया और अब वो उनके साथ इस काम को आगे बढ़ा रही हैं.