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इंस्‍टाग्राम के खिलाफ टॉपलेस होकर घूमीं एक्‍ट्रेस की बेटी

अमेरिकी एक्‍ट्रेस डेमी मूर की बेटी स्‍काउट विलिस ने इंस्‍टाग्राम की सेंसरशिप पॉलिसी के खिलाफ पिछले मंगलवार को टॉपलेस प्रदर्शन किया. अपना गुस्‍सा जाहिर करने के लिए स्‍काउट टॉपलेस होकर खरीदारी करने निकली. यही नहीं इसके बाद उन्‍होंने अपनी टॉपलेस तस्‍वीरें ट्विटर एकाउंट पर भी अपलोड कर दीं.

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अमेरिकी एक्‍ट्रेस डेमी मूर की बेटी स्‍काउट विलिस ने इंस्‍टाग्राम की सेंसरशिप पॉलिसी के खिलाफ पिछले मंगलवार को टॉपलेस प्रदर्शन किया. अपना गुस्‍सा जाहिर करने के लिए स्‍काउट टॉपलेस होकर खरीदारी करने निकली. यही नहीं इसके बाद उन्‍होंने अपनी टॉपलेस तस्‍वीरें ट्विटर एकाउंट पर भी अपलोड कर दीं.

वेबसाइट XOJane.com पर एक लेख के जरिए सफाई देते हुए स्‍काउट ने लिखा है, 'मैं न्‍यूयॉर्क में टॉपलेस होकर घूमने निकली और इस बारे में ट्विटर पर जानकरी भी दी. मैं यह बताना चाहती थी कि न्‍यूयॉर्क राज्‍य के कानून के मुताबिक जो चीज सही है वह इंस्‍टाग्राम में गैरकानूनी है'. उन्‍होंने अपने इस लेख का शीर्षक रखा है, 'आई एम स्‍काउट विलिस एंड दिस इज द ओनली थिंग आई हैव टू से अबाउट वॉकिंग टॉपलेस डाउन द स्‍ट्रीट्स ऑफ न्‍यूयॉर्क लास्‍ट वीक'.

दरअसल, 22 साल की स्‍काउट विलिस ने अपने इंस्‍टाग्राम एकाउंट में एक टॉपलेस महिला की फोटो अपलोड कर दी थी, जिसके बाद सोशल नेटवर्किंग साइट ने उनका एकाउंट बंद कर दिया. इसी के विरोध में विलिस ने पिछले हफ्ते टॉपलेस होकर अपने गुस्‍से का इजहार किया. इस दौरान उन्‍होंने सिर्फ फूलों के प्रिंट वाली स्‍कर्ट और सैंडल पहनी हुई थी.

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अभिनेता ब्रूस विलिस और डेमी मूर की बेटी ने अपने लेख में लिखा है, 'मुझे पता है कि लोग मुझे गंभीरता से नहीं लेंगे और उन्‍हें लगेगा कि मैं सिर्फ ध्‍यान खींचने के लिए ऐसा कर रही हूं. मुझे पता है कि मेरा जन्‍म एक हाई प्रोफाइल और अमीर घर में हुआ है, लेकिन ऐसा करके मैंने लैंगिग पक्षपात के खिलाफ ऐतिहासिक उदाहरण दिया है'.

उनके मुताबिक, '1936 में ही पुरुषों को छाती खोलकर घूमने की इजाजत दे दी गई थी. लेकिन 80 साल बाद भी महिलाएं ऐसा क्‍यों नहीं कर सकतीं? क्‍यों एक मां सार्वजनिक रूप से अपने बच्‍चे को दूध नहीं पिला सकती? क्‍यों फेसबुक और इंस्‍टाग्राम को कैंसर को हराने के लिए ब्रेस्‍ट रिमूव करवा चुकी महिला की टॉपलेस फोटो पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पूरी ब्रेस्‍ट खासतौर पर बिना सर्जरी वाली ब्रेस्‍ट की फोटो से दिक्‍कत है'.

अपने बात के समर्थन में विलिस ने कहा, 'मैं महिलाओं के उस अधिकार की बात कर रही हूं, जिसके तहत वो जैसे चाहें वैसे अपने शरीर को प्रेजेंट कर सकती हैं. यहां मैं बहस महिलाओं को खुद की इच्‍छा के मुताबिक चयन की आजादी देने की कर रही हूं, न कि ऐसे समाज की जहां महिलाएं हमेशा इस डर के साए में जिएं कि लोग उनके बारे में क्‍या सोचेंगे और समाज कैसी प्रतिक्रिया देगा'.

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