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मोटे शिशु को जन्म देती हैं मोटी महिलाएं

किसी महिला के गर्भ से ही निर्धारित हो जाता है कि बच्चा मोटा पैदा होगा या नहीं. एक नए अध्ययन से पता चला है कि अधिक वजन वाली महिलाओं को मोटे शिशु पैदा होने की ही अधिक संभावना होती है.

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किसी महिला के गर्भ से ही निर्धारित हो जाता है कि बच्चा मोटा पैदा होगा या नहीं. एक नए अध्ययन से पता चला है कि अधिक वजन वाली महिलाओं को मोटे शिशु पैदा होने की ही अधिक संभावना होती है.
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लंदन में चेलसिया और वेस्टमिंस्टर हॉस्पिटल की एक टीम ने अजन्मे बच्चे की मोटाई के स्तर का पता लगाने के लिए मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) स्कैन का इस्तेमाल किया. इस अध्ययन से पता चला कि कुछ बच्चों के पेट के पास उसी प्रकार का वसा जमा हो गया, जो व्यस्कों में 50 की आयु के आसपास होती है.
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नवजात बच्चों में उच्च जोखिम वाले स्वास्थ्य समस्याओं के बारे ब्रिटेन की बेहतरीन विशेषज्ञ मानी जाने वाली प्रोफेसर नीना मोदी की अगुवाई में टीम ने पाया कि करीब एक तिहाई नवजात शिशु में उम्मीद से ज्यादा मोटापा देखने को मिला.

कुल 105 शिशु में से 31 के पेट के इर्द-गिर्द सामान्य बच्चों की तुलना में ज्यादा चर्बी या मोटापा पाया गया. कुल शिशु में 54 लड़के थे और 51 लड़कियां शामिल थी. प्राप्त तथ्य के बारे में उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान मोटापे से बच्चों की मोटाई पर भी असर पड़ता है.

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‘डेली मेल’ ने प्रो. मोदी के हवाले से कहा है कि इससे ऐसे तथ्यों का पता चलता है कि मां से उनके शिशु किस तरह प्रभावित होते हैं.

शोधकर्ताओं के मुताबिक, नवजात बच्चों में अमूमन 700 ग्राम वसा उत्तक होता है, लेकिन माता के बीएमआई में प्रति इकाई में बढोतरी से यह बच्चों में करीब सात ग्राम बढ जाता है.

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