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घर में रखीं ये 6 चीजें जल्दी-जल्दी बदलना जरूरी, वरना बन जाएंगी बीमारियों का घर और करेंगी आपको बीमार

जानिए घर की कौन‑कौन सी रोजमर्रा की चीजें समय पर बदलना जरूरी है. प्लास्टिक की आइस ट्रे, वॉटर बॉटल, नहाने का तौलिया, ग्रॉसरी बैग, बेडशीट और चप्पल जैसी चीजों को अगर समय पर नहीं बदलेंगे तो बैक्टीरिया और गंदगी आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं.

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कुछ-कुछ समय में घर में रखी चीजें बदलनी जरूरी हो जाती हैं. (Photo: ITG)
कुछ-कुछ समय में घर में रखी चीजें बदलनी जरूरी हो जाती हैं. (Photo: ITG)

आप अपने फोन, फोन कवर या किसी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को आराम से बदल लेते हैं, लेकिन घर में कई चीजें ऐसी होती हैं जिनकी आप परवाह नहीं करते. ये चीजें धीरे‑धीरे गंदी हो जाती हैं, उन पर बैक्टीरिया जम जाते हैं और इनका काम करने का तरीका भी धीरे‑धीरे कमजोर हो जाता है. सोचिए, अगर हर दिन इस्तेमाल होने वाली चीजें गंदी हों और आप उन्हें रोज हाथ लगाते हों तो ये आपकी सेहत पर कितना बुरा असर डाल सकती हैं.  

किचन में बर्तन और स्पॉन्ज, बिस्तर में तकिए और चादरें, बाथरूम में टूथब्रश और हैंड टॉवल, ये सब चीजें समय के साथ गंदगी और बैक्टीरिया जमा कर लेती हैं. इसके अलावा छोटे‑छोटे घरेलू आइटम्स जैसे रिमोट कंट्रोल, कीबोर्ड, फोन केस या वॉशिंग मशीन का फिल्टर भी समय-समय पर बदलना या साफ करना जरूरी है. इसलिए सिर्फ नई चीजें लेने की ही नहीं, बल्कि पुरानी चीजों की सफाई और समय पर बदलने की आदत भी हमारी सेहत और घर की सफाई के लिए बहुत जरूरी है. आज हम आपको बताएंगे किचन से लेकर बेडरूम तक, कौन‑कौन सी चीजें कितने समय पर बदलना जरूरी है ताकि घर साफ, सेहतमंद और काम करने लायक बनी रहे.

1. प्लास्टिक की आइस क्यूब ट्रे (हर 2 साल में बदलें)
आप प्लास्टिक वाली आइस क्यूब ट्रे को सालों तक इस्तेमाल करते हैं. लेकिन आपको सुनकर हैरानी हो सकती है कि प्लास्टिक की आइस ट्रे हर 2 साल में बदलना बहुत जरूरी है. फ्रिज में होने के बावजूद इन पर छोटे‑छोटे क्रैक और स्क्रैच हो जाते हैं, जो बैक्टीरिया और फंगस के लिए जगह बनाते हैं. अगर बर्फ का स्वाद अजीब लगे या ट्रे में दाग‑धब्बे दिखें, तो नया ट्रे ले लें.

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2. रीयूजेबल वॉटर बॉटल (हर 6 महीने में बदलें)
रीयूजेबल बॉटल्स पर्यावरण के लिए अच्छी हैं, लेकिन ये जल्दी गंदी हो जाती हैं. इनके ढक्कन या स्ट्रॉ में नमी फंस जाती है, जिससे बैक्टीरिया और फंगस बढ़ते हैं. रोज धोने के बावजूद भी ये पूरी तरह से साफ नहीं रहती हैं. प्लास्टिक बॉटल हर 6 महीने में बदलें और अगर चाहें तो स्टेनलेस स्टील की बॉटल लें, जो लंबे समय तक चलती है.

3. नहाने का तौलिया (हर 2 साल में बदलें)
आप नहाने का तौलिया रोज धोते हैं, लेकिन फिर भी ये गंदगी और बैक्टीरिया जमा कर लेते हैं. पुराने तौलिये खुरदरे हो जाते हैं या उनमें बदबू आने लगती है. ऐसे में हर 2 साल में नया तौलिया ले लेना चाहिए. ये स्किन के लिए बेहतर होता है.

4. रीयूजेबल ग्रॉसरी बैग (हर 2 साल में बदलें)
रीयूजेबल बैग्स प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने के लिए बढ़िया हैं, लेकिन इन्हें सही से साफ नहीं किया जाता है. लोग इनमें कच्चा मांस, सब्जियां और स्पिल्स रखते हैं, जिससे बैक्टीरिया बढ़ता है. अगर बैग में बदबू आने लगे या ये फटने लगे, तो इसे बदल दें. 

5. बेडशीट्स/चादर (हर 2–3 साल में बदलें)
बेड पर बिछाई जाने वाली चादरें जल्दी फटती नहीं हैं, जिसके कारण लोग इन्हें सालों तक इस्तेमाल करते रहते हैं. लेकिन आपको ये समझना जरूरी है कि जल्दी-जल्दी धोने के बावजूद भी इनमें पसीना, डेड स्किन, बॉडी ऑयल और धूल के कण जमा हो जाते हैं. ऐसे में चादरों को 2-3 में बदलना अच्छा रहता है. 

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6. चप्पल/स्लिपर (हर 8–12 महीने में बदलें)
आप रोजाना चप्पल पहनते हैं. इन पर पसीना, धूल और बैक्टीरिया जमता रहता है. समय के साथ इनमें कंफर्ट कम हो जाता है और ये फंगस या बैक्टीरिया का घर बन जाती हैं. ऐसे में हर 8–12 महीने में नई चप्पल लेना बेहतर होता है.

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