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Natural Pain Killers: इन प्राकृतिक चीजों के आगे पेन किलर्स खाना भूल जाएंगे आप, दांत के दर्द से लेकर सिर दर्द तक में मिलेगा आराम

Natural Pain Killers: ज्यादा मात्रा में पेन किलर्स खाना आपकी ओवरऑल हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है. यह बात किसी से छिपी नहीं है. अब सवाल उठता है कि अगर पेन किलर्स आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं होती , तो आखिर आपको इस तरह के दर्द से छुटकारा पाने के लिए क्या करना चाहिए? तो आपको बता दें कि आपकी किचन में कुछ ऐसे मसाले होते हैं, जो नेचुरल पेन किलर्स होते हैं और आपके दर्द को ठीक कर सकते हैं.

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भारतीय मसाले काफी फायदेमंद होता है.
भारतीय मसाले काफी फायदेमंद होता है.

बड़ी-बड़ी बीमारियों का सामना करने के साथ ही आज कल लोगों को आए दिन छोटी-छोटी शारीरिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है. जहां पूरे दिन काम करने के बाद कभी उनके सिर में दर्द होता है तो कभी उन्हें अपने हाथों पैरों में दर्द महसूस होता है. इस तरह के दर्द होने बहुत आम बात है, लेकिन आपका इनसे निजात पाने के लिए भी दवाइयां लाना बिल्कुल भी आम नहीं हो सकता है. इस तरह की छोटी-छोटी बीमारियों के लिए पेन किलर्स खाना आपको दर्द से निजात तो दिला सकता है, लेकिन यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती हैं.

ज्यादा मात्रा में पेन किलर्स खाना आपकी ओवरऑल हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है. यह बात किसी से छिपी नहीं है. अब सवाल उठता है कि अगर पेन किलर्स आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं होती , तो आखिर आपको इस तरह के दर्द से छुटकारा पाने के लिए क्या करना चाहिए? तो आपको बता दें कि आपकी किचन में कुछ ऐसे मसाले होते हैं, जो नेचुरल पेन किलर्स होते हैं और आपके दर्द को ठीक कर सकते हैं. हम आपको उन्हीं के बारे में बताने वाले हैं.

दांत के दर्द के लिए नीम और लौंग का तेल
नीम और लौंग का तेल दांतों की सड़न पैदा करने वाले बैक्टीरिया को रोककर आपके दांतों की हेल्थ को इंप्रूव करता है. नीम इनफेक्शियस म्यूटैंस और डेंटल कैरीज से भी लड़ सकता है. लौंग के तेल में एनाल्जेसिक और एंटी बैक्टीरियल दोनों गुण होते हैं और नीम की तरह, यह बैक्टीरिया के कारण होने वाले दांत दर्द को रोकने में मदद कर सकता है. नीम की पत्तियों को चबाया जा सकता है जबकि लौंग का तेल लगाना चाहिए.

पेट दर्द के लिए सौंफ
सौंफ में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल जैसे खास गुण होते हैं. यह कार्मिनेटिव के रूप में काम करता है, जो गैस से होने वाले दर्द को रोकने के लिए जानी जाती है. इसमें पेट कम करने वाले गुण भी होते हैं, जिसका अर्थ है कि यह बेली फैट को कम करने मदद करता है और डाइजेशन में भी सुधार करता है.

जोड़ों के दर्द के लिए धनिया और तुलसी
धनिया में एनाल्जेसिक, डाइजेस्टिव, डिटॉक्सिफाइंग, जोड़ों के दर्द और मांसपेशियों की ऐंठन से निजात दिलाने वाले कई एजेंट पाए जाते हैं. धनिये का इस्तेमाल अल्सर और गठिया (जोड़ों से संबंधित बीमारियों) के इलाज के लिए बाहरी रूप से किया जा सकता है. तुलसी जोड़ों के दर्द और गठिया से जुड़े दर्द से भी राहत दिलाने का काम करती है.

सिर दर्द और सूजन के लिए अदरक
अदरक को बैक्टीरियल, फंगल और वायरल इंफेक्शंस से लड़ने में मदद करता है. अदरक का तेल गठिया और सिरदर्द में भी फायदेमंद होता है. यह न केवल आपको सिर दर्द से राहत देता है बल्कि सूजन भी कम करता है.

अपच के लिए हींग
एक चुटकी हींग को एक चम्मच गुनगुने पानी में मिलाकर पेट पर मलने से अपच और उसके कारण होने वाले दर्द से आपको राहत मिलती है.   

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