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Men’s Health: पुरुषों को कभी नहीं नजरअंदाज करने चाहिए ये 5 लक्षण, सेहत के लिए खतरा

ज्यादातर पुरुष छोटे-मोटे लक्षणों को आम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और डॉक्टर के पास जाने से बचते हैं. कभी-कभी यही आम से लक्षण किसी गंभीर बीमारी में बदल जाते हैं जो जानलेवा भी हो सकते हैं. आंकड़ों के मुताबिक महिलाओं की तुलना में पुरुष डॉक्टर्स के पास कम जाते हैं. संकोच या फिर पैरेंटिंग या काम की ज्यादा व्यस्तता की वजह से पुरुष डॉक्टर के पास जल्दी जाने से बचते हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि पुरुषों को कुछ खास लक्षण बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करने चाहिए.

पुरुषों को ये लक्षण बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करने चाहिए पुरुषों को ये लक्षण बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करने चाहिए
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पुरुषों के सेहत से जुड़ी खास बातें
  • इन लक्षणों का ना करें नजरअंदाज
  • लापरवाही पड़ सकती है भारी

ज्यादातर पुरुष छोटे-मोटे लक्षणों को आम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और डॉक्टर के पास जाने से बचते हैं. कभी-कभी यही आम से लक्षण किसी गंभीर बीमारी में बदल जाते हैं जो जानलेवा भी हो सकते हैं. आंकड़ों के मुताबिक महिलाओं की तुलना में पुरुष डॉक्टर्स के पास कम जाते हैं. संकोच या फिर पैरेंटिंग या काम की ज्यादा व्यस्तता की वजह से पुरुष डॉक्टर के पास जल्दी जाने से बचते हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि पुरुषों को कुछ खास लक्षण बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करने चाहिए.

पेशाब में दिक्कत- पेशाब करने में दिक्कत या दर्द महसूस होना प्रोस्टेट कैंसर का संकेत हो सकता है. प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआत धीरे-धीरे होती है और इसे नजरअंदाज बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. जब प्रोस्टेट बड़ा हो जाता है, तो यह मूत्रमार्ग पर दबाव डालता है जिससे पेशाब करना मुश्किल हो जाता है. 50 से अधिक उम्र के पुरुषों में इसके लक्षण ज्यादा दिखाई देते हैं. अगर आपको पेशाब करने में दिक्कत महसूस होती है या फिर बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें.

शरीर के तिल में बदलाव- तिल या मस्से की वजह से स्किन कैंसर भी हो सकता है. ज्यादातर लोग इनमें होने वाले बदलावों को समझ नहीं पाते हैं. अगर आपके तिल या मस्से का आकार या रंग बदल रहा है तो अपने डॉक्टर को इसकी जानकारी जरूर दें. पूरी दुनिया में महिलाओं से ज्यादा स्किन कैंसर के शिकार पुरुष होते हैं. इसकी कई वजहे हैं जैसे कि पुरुष सनस्क्रीन कम लगाते हैं, धूप में ज्यादा समय बिताते हैं और डॉक्टर से बहुत कम संपर्क करते हैं.

असामान्य गांठ- अगर आपके प्राइवेट पार्ट पर कोई गांठ हो रही हो तो इस पर जरूर ध्यान दें. ये भी एक तरह के कैंसर का लक्षण हो सकता है जो युवाओं में ज्यादा पाया जाता है. टेस्टीक्युलर कैंसर  आमतौर पर 15 से 49 साल के युवाओं में होता है और हर साल लगभग इसके 2,300 नए मामले सामने आते हैं. टेस्टीक्युलर यानी अंडकोष में होने वाली गांठों में दर्द हो भी सकता है और नहीं भी. इसलिए इसके आकार में किसी भी तरह के बदलाव को नजरअंदाज ना करें.

सीने में दर्द- मांसपेशियों की दिक्कत या फिर पाचन तंत्र बिगड़ने से भी सीने में दर्द हो सकता है लेकिन अगर ये दिक्कत आपको अक्सर रहती है और सीने में जलन होती है तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं. ये भी पेट या गले के कैंसर, हृदय रोग या हार्ट फेल का संकेत हो सकता है. महिलाओं की तुलना में पुरुषों को  दिल का दौरा ज्यादा पड़ता है. सीने में होने वाले दर्द के पैटर्न पर ध्यान दें और डॉक्टर को इसकी सही जानकारी दें.

मूड और पर्सनालिटी में बदलाव- मूड में बदलाव आना डिप्रेशन का भी संकेत हो सकता है. पूरी दुनिया में 45 साल से कम के पुरुषों में डिप्रेशन की वजह से आत्महत्या करने की संभावा ज्यादा होती है. हालांकि मूड में बदलाव सा मानसिक तनाव हर बार डिप्रेशन नहीं हो सकता है. अगर आपने व्यक्तित्व में किसी तरह का बदलाव महसूस कर रहे हैं तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल भी ना करें.

 

 

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