Holi overeating prevention: गुजिया, मालपुआ और चिप्स-पापड़ जैसी स्वादिष्ट चीजों के बिना होली अधूरी होती है. ऐसे में घर में इतने सारे व्यंजन देखते हुए खुद पर कंट्रोल करना काफी खुद पर कंट्रोल करना काफी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में अक्सर हम अलग-अलग दोस्त और मेहमानों की खातिरदारी करते-करते कब अधिक खा लेते हैं, पता ही नहीं चलता. फिर शाम होते-होते पेट भारी लगने लगता है, एसिडिटी हो जाती है और त्योहार का मजा किर-किरा हो जाता है. आज हम आपको कुछ ऐसे बेसिक तरीके बता रहे हैं जो आपको ओवरईटिंग से बचाएंगे.
खाली पेट न खेलें होली
अक्सर लोग होली खेलने की खुशी में सुबह का नाश्ता स्किप कर देते हैं. उन्हें लगता है कि सीधे दोपहर में ही भारी खाना खाएंगे. यह सबसे बड़ी गलती है. जब आप लंबे समय तक भूखे रहते हैं, तो आपका शरीर ज्यादा कैलोरी की मांग करता है. ऐसे में जब आपके सामने गुझिया या पकवान आते हैं, तो आप जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं जिससे अधिक कैलोरी शरीर में जाती हैं.

पानी पीते रहें
होली के दौरान हम रंगों और मस्ती में इतने खो जाते हैं कि पानी पीना भूल जाते हैं. कई बार हमारा दिमाग प्यास को भूख समझ लेता है और हम डिहाइड्रेटेड होने पर खाना शुरू कर देते हैं. पर्याप्त पानी पीने से न सिर्फ आपका पेट भरा हुआ महसूस होगा, बल्कि यह शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में भी मदद करेगा.
छोटी प्लेट में खाएं
यह एक मनोवैज्ञानिक तरीका है जो कमाल का काम करता है. जब हम बड़ी प्लेट में खाना लेते हैं, तो कम खाना भी खाली-खाली सा लगता है और हम उसे भरने की कोशिश करते हैं. इसकी जगह छोटी प्लेट का इस्तेमाल करें. छोटी प्लेट जल्दी भरी हुई दिखेगी, जिससे आप कम मात्रा में खाना सर्व करेंगे और कम ही खाएंगे.
धीरे खाएं और स्वाद लें
जल्दबाजी में खाना ओवरईटिंग का सबसे मुख्य कारण है. हमारे दिमाग को पेट भरने का संकेत मिलने में लगभग 20 मिनट का समय लगता है. अगर आप जल्दी-जल्दी खाएंगे, तो आप जरूरत से ज्यादा कैलोरी ले चुके होंगे. हर निवाले को अच्छी तरह चबाकर खाएं.
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य रिसर्च और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है. इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का ऑपशंस न समझें.