बदलती लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतों के बीच मोटापा आज एक वैश्विक महामारी की तरह फैल रहा है और ये इस हद तक फैल चुका है कि उसे कम करने के लिए मार्केट में दवाएं तक आ गई हैं. आपका वजन कितना है, अब तक ये पता करने के लिए लोग बॉडी मास इंडेक्स यानी BMI पर भरोसा करते आए हैं लेकिन हाल ही में 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ओबेसिटी' में पब्लिश हुई एक रिसर्च ने इस बात पर सवाल उठाया है.
वैज्ञानिकों का दावा है कि आपकी हेल्थ और मोटापे के जोखिम को मापने के लिए BMI के मुकाबले 'कमर-से-लंबाई का अनुपात' (Waist-to-Height Ratio - WHtR) अधिक सटीक और भरोसेमंद तरीका है. ऐसे में उम्र बढ़ने के साथ शरीर में होने वाले बदलावों को समझने में भी मदद मिलेगी. अब ये तरीका क्या है और वैज्ञानिकों ने बीएमआई को क्यों कम भरोसेमंद बताया, इस बारे में जान लीजिए.
क्या कहती है नई स्टडी?
शेफील्ड यूनिवर्सिटी और नॉटिंघम यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स द्वारा की गई स्टडी में उन्होंने 2005 से 2021 के बीच इंग्लैंड के हेल्थ सर्वे का उपयोग करते हुए 11 से 89 वर्ष की उम्र के 1.20 लाख से अधिक लोगों के डेटा की जांच की. उनकी रिसर्च में पाया गया है कि Waist-to-Height Ratio (WHtR) उम्र बढ़ने के साथ मोटापे के जोखिम को ज्यादा बेहतर तरीके से दिखाता है.
उनका कहना है कि BMI केवल वजन और ऊंचाई के आधार पर आंकलन करता है और बीएमआई यह नहीं बताता कि शरीर में फैट कहां जमा हो रहा है. वहीं, कमर-से-लंबाई का अनुपात सीधे तौर पर पेट के आसपास मौजूद चर्बी को मापता है जो सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती है.
BMI क्यों नहीं देता पूरी जानकारी?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, उम्र बढ़ने पर शरीर में मसल्स कम होने लगते हैं और फैट पर्सेंट अधिक हो सकता है और BMI इसे सही से नहीं पकड़ पाता. कई बार बुजुर्गों का BMI सामान्य रहता है लेकिन पेट की चर्बी अधिक होने के कारण उन्हें दिल की बीमारी या डायबिटीज का खतरा बना रहता है. यही वजह है कि BMI पर पूरी तरह निर्भर रहना भ्रामक साबित हो सकता है.
उम्र बढ़ने पर क्यों ज्यादा अहम हो जाता है यह अनुपात?
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर में फैट खासकर पेट के आसपास जमा होने लगता है. यही सेंट्रल ओबेसिटी दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर और टाइप-2 डायबिटीज का बड़ा कारण बनती है. स्टडी के अनुसार, कमर-से-लंबाई अनुपात इन बीमारियों के खतरे को पहले ही पहचानने में मदद कर सकता है, जिससे समय रहते लाइफस्टाइल में बदलाव संभव है.
कमर-से-लंबाई का अनुपात क्या है?
कमर-से-लंबाई का अनुपात निकालना बेहद आसान है. इसके लिए कमर का साइज (Cm) और ऊंचाई (Cm) का भाग दे दीजिए. यानी किसी की कमर का साइज 100 सेमी है और उसकी लंबाई 170 सेमी है. तो 100 ÷ 170 = 0.588 आता है.
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर यह आंकड़ा 0.5 से अधिक है तो इसे सेहत के लिए चेतावनी संकेत माना जाता है. मतलब साफ है कि कमर आपकी ऊंचाई के आधे से अधिक नहीं होनी चाहिए.
कमर का साइज ना बढ़े इसके लिए क्या करें?
यदि आपकी कमर और लंबाई का अनुपात 0.5 से अधिक आ रहा है तो चिंता वाली बात नहीं है, आप अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करके उसे कम कर सकते हैं. कमर का साइज कम करने के लिए आपको कैलोरी डेफिसिट में जाना होगा. इसके लिए बैलेंस डाइट लें, रोजाना कम से कम 30 मिनट फिजिकल एक्टिविटी करें, प्रोसेस्ड फूड और चीनी से दूर रहें, प्रोटीन इंटेक बढ़ाएं, स्ट्रेस ना लें, पर्याप्त नींद लें. ये छोटे-छोटे बदलाव पेट की चर्बी कम करने में मदद कर सकते हैं.