एक स्वस्थ शरीर और एक्टिव दिमाग के लिए पौष्टिक खानपान और कसरत जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी है पर्याप्त और अच्छी नींद. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक वयस्क को रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी नींद की जरूरत होती है. लेकिन आजकल की लाइफस्टाइल में लोग अपनी नींद से सबसे ज्यादा समझौता करते हैं.
कई लोग काम के सिलसिले में तो कई सोशल मीडिया के चक्कर में रात भर जागते रहते हैं. अगर आप भी रात भर जागने की इस आदत को मामूली समझ रहे हैं, तो सावधान हो जाइए. लगातार नींद की कमी आपके शरीर को अंदर ही अंदर खोखला कर सकती है. रात भर जागने से न सिर्फ मानसिक तनाव बढ़ता है, बल्कि यह कई ऐसी जानलेवा बीमारियों का कारण भी बन सकती है जिनकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते. आइए जानते हैं नींद की कमी से होने वाले इन बड़े खतरों के बारे में.
1. दिल की बीमारियों का खतरा
जब आप सोते हैं, तो आपका शरीर ब्लड प्रेशर को खुद ही कंट्रोल करता है. लगातार कम सोने या रात भर जागने से शरीर का यह प्राकृतिक सिस्टम बिगड़ जाता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है. लंबे समय तक ऐसा होने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और दिल की अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है.
2. टाइप-2 डायबिटीज
नींद की कमी का सीधा असर हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म और हार्मोन्स पर पड़ता है. कम सोने से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने लगता है, जिसका मतलब है कि शरीर ब्लड शुगर लेवल को ठीक से मैनेज नहीं कर पाता. इसके कारण खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है और व्यक्ति टाइप-2 डायबिटीज का शिकार हो सकता है.
3. मोटापा और वजन बढ़ना
अधूरी नींद वजन बढ़ने का एक बहुत बड़ा कारण है. जब हम रात भर जागते हैं, तो शरीर में भूख बढ़ाने वाला घ्रेलिन हार्मोन बढ़ जाता है और पेट भरने का अहसास कराने वाला लेप्टिन हार्मोन कम हो जाता है. इसके कारण देर रात क्रेविंग्स होती है जिससे मोटापा तेजी से बढ़ता है.
4. कमजोर इम्यूनिटी
सोते समय हमारा इम्यून सिस्टम साइटोकिन्स नामक प्रोटीन रिलीज करता है, जो शरीर को संक्रमण और इन्फ्लेमेशन से बचाने में मदद करते हैं. नींद की कमी से इस प्रोटीन का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे आपकी इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है और आप बार-बार सर्दी, खांसी या अन्य बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं.
5. डिप्रेशन और एंग्जायटी
रात भर जागने का सबसे पहला और सीधा असर हमारे दिमाग पर पड़ता है. पर्याप्त नींद न मिलने से मस्तिष्क की कोशिकाएं थक जाती हैं, जिससे चिड़चिड़ापन, फोकस में कमी और याददाश्त कमजोर होने जैसी समस्याएं होने लगती हैं. लंबे समय तक नींद न आने की बीमारी व्यक्ति को डिप्रेशन और एंग्जायटी की ओर धकेल सकती है.