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Buttermilk vs Lassi: छाछ या लस्सी...तपती गर्मी में क्या अधिक फायदेमंद? पीने से पहले जानें

गर्मी के मौसम में खुद को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है. छाछ और लस्सी दोनों ही सेहतमंद हैं, लेकिन अगर बात लू से बचाव और बेहतर पाचन की हो, तो हल्का और नमकीन छाछ बाजी मार ले जाता है. वजन और अपनी जरूरत के हिसाब से सही ड्रिंक का चुनाव करें.

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लस्सी और छाछ दोनों ही शरीर को अंदर से ठंडाहक देती हैं. (Photo: ITG)
लस्सी और छाछ दोनों ही शरीर को अंदर से ठंडाहक देती हैं. (Photo: ITG)

Buttermilk vs Lassi: भयंकर गर्मी और धूप में शरीर को अंदर से ठंडा रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में प्यास बुझाने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय छाछ (Buttermilk) और लस्सी (Lassi) जैसे ट्रेडिशनल ऑप्शंस हमेशा से लोगों की पहली पसंद रहे हैं. दही से बनी ये दोनों चीजें न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि सेहत के गुणों से भी भरपूर हैं. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए इन दोनों में से ज्यादा असरदार कौन है? तो आइए इस बारे में जानते हैं.

छाछ (Buttermilk)

छाछ यानी मट्ठा में कैलोरी काफी कम होती है और इसमें पानी की मात्रा भी अच्छी होती है. छाछ में पोटैशियम और विटामिन B12 जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो पसीने के जरिए शरीर से निकले मिनरल्स की कमी को तुरंत पूरा करते हैं.

छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स पेट को ठंडा रखते हैं और भारी भोजन के बाद होने वाली एसिडिटी को कम करने में मदद करते हैं. गर्मी में लू से बचने के लिए छाछ एक नेचुरल रिहाइड्रेशन ड्रिंक की तरह काम करती है.

लस्सी (Lassi)

लस्सी छाछ के मुकाबले काफी गाढ़ी और हैवी होती है. इसमें दही की मात्रा ज्यादा होती है जो प्रोटीन और कैल्शियम का बेहतरीन सोर्स है. रिपोर्ट के मुताबिक, लस्सी शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देने के साथ-साथ लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराती है.

अगर आप मीठी लस्सी पीते हैं तो यह ग्लूकोज लेवल को बनाए रखती है, लेकिन वजन कम करने वालों के लिए इसकी कैलोरी अधिक हो सकती है. लस्सी मांसपेशियों की रिकवरी और हड्डियों की मजबूती के लिए भी काफी अच्छी मानी जाती है.

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पाचन के लिए कौन है ज्यादा असरदार?

अगर डाइजेशन की बात करें तो छाछ को लस्सी से अधिक फायदेमंद मानी जाती है. मेडिकल न्यूज टुडे के अनुसार, छाछ में भुना हुआ जीरा, काला नमक और पुदीना मिलाकर पीने से डाइजेशन अच्छा होता है,  शरीर के तापमान कम होता है और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करती है. वहीं, लस्सी को पचाने में शरीर को थोड़ा अधिक समय लगता है इसलिए इसे सुबह या दोपहर के समय पीना बेहतर होता है. रात के समय लस्सी पीने से सुस्ती या भारीपन महसूस हो सकता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

तपती धूप में जब आपका शरीर पानी खो रहा हो, तो छाछ सबसे बेहतरीन ऑप्शंस है. फर्मेंटेड डेयरी प्रोडक्ट्स शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने और गट हेल्थ को सुधारने में मददगार होते हैं. अगर आप वेट लॉस डाइट पर हैं तो मसाला छाछ आपके लिए बेस्ट है. लेकिन अगर आप एक मील रिप्लेसमेंट या भारी वर्कआउट के बाद कुछ हेल्दी चाहते हैं तो लस्सी एक शानदार चॉइस हो सकती है. कुल मिलाकर हाइड्रेशन के लिए छाछ और पोषण के लिए लस्सी का अपना-अपना महत्व है.

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